सौसर में किसानों का आंदोलन: अब स्थानीय किसानों से ही खरीदा जाएगा मक्का और कपास

सौसर। कपास और मक्का के गिरते दाम, खरीदी में अनियमितताओं और बिजली समस्या को लेकर शुक्रवार को सौसर में किसानों ने कांग्रेस की अगुवाई में जंगी आंदोलन किया। बाजार चौक में सभा के बाद हजारों किसानों का काफिला रैली के रूप में तहसील कार्यालय पहुंचा, जहां उन्होंने हाईवे पर वन-साइड बैठकर शांतिपूर्ण धरना दिया। किसानों के इस सामूहिक दबाव के चलते प्रशासन को कई महत्वपूर्ण मांगें माननी पड़ीं।

किसानों की यह रखी प्रमुख मांगें

किसानों ने ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन के सामने निम्न मांगें रखीं कपास को उचित समर्थन मूल्य दिया जाए। मॉइश्चर प्रतिशत के नाम पर सीसीआई द्वारा कम भाव देने की प्रक्रिया बंद हो। कपास और मक्का की खरीदी में स्थानीय किसानों को सर्वोच्च प्राथमिकता मिले। सिंचाई के लिए दिन में तीन फेज बिजली उपलब्ध कराई जाए। मंडी में कपास व मक्का की नियमित खरीदी शुरू की जाए। मंडी के तौल काटों को सुधारा जाए। इसके पीछे किसानों का कहना था कि गिरते भाव और खरीदी व्यवस्था की खामियों के कारण वे आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं, इसलिए समय रहते इन मुद्दों का समाधान आवश्यक है।

प्रशासन का नरम रहा रुख, मांगें हुईं स्वीकार

लगभग डेढ़ घंटे चले धरने के दौरान एसडीएम मौके पर पहुंचे और किसानों की कई मांगों को तुरंत मानने की घोषणा की। कपास व मक्का की खरीदी में स्थानीय किसानों को प्राथमिकता दी जाएगी। मंडी के तौल काटों को दुरुस्त किया जाएगा। किसानों को शासन के निर्देशानुसार दिन में बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराई जाएगी बहरहाल प्रशासन के इन आश्वासनों से किसानों में राहत की उम्मीद जगी है।

कांग्रेस नेताओं की बड़ी मौजूदगी

आंदोलन का नेतृत्व क्षेत्रीय विधायक विजय चौरे ने किया। इसके अलावा परासिया विधायक सोहन वाल्मिकी, पांढुरना विधायक नीलेश उईके, जामई विधायक सुनील उईके, जिला कांग्रेस अध्यक्ष जतन उईके, छिंदवाड़ा अध्यक्ष विश्वनाथ ओक्टे, प्रभारी गंगाप्रसाद तिवारी समेत कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। कांग्रेस ने इस आंदोलन के जरिए किसानों के मुद्दों पर अपनी मज़बूत उपस्थिति दर्ज कराई।

ट्रैक्टरों के साथ आए किसान, आंदोलन में सरकार के प्रति दिखा किसानों का आक्रोश

कई किसान अपने-अपने ट्रैक्टर लेकर आंदोलन स्थल पर पहुंचे, जिससे पूरा इलाका किसानों की एकजुटता का प्रतीक दिखाई दिया। उपज के कम दामों को लेकर किसानों में भारी आक्रोश था, फिर भी उन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखी। पुलिस व्यवस्था के चलते हाईवे पर जाम नहीं लगा और ट्रैफिक वैकल्पिक लेन से चलता रहा।

पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था रही चाक चौबंद

कांग्रेस के किसान आंदोलन के चलते पुलिस भी अलर्ट मोड़ पर रही। जिले के एएसपी नीरज सोनी के नेतृत्व में आंदोलन के दौरान बाजार चौक और हाइवे परतगड़ी सुरक्षा व्यवस्था के चलते आंदोलन शांतिपूर्ण माहौल में सम्पन्न हुआ। साथ ही आम आदमी को भी किसी परेशानियों का सामना नही करना पड़ा।

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