
मोहन बड़ोदिया। नगर में नल-जल योजना ग्रामीणों के लिए राहत नहीं बल्कि अभिशाप बनती जा रही है. ठेकेदार की मनमानी, जल निगम की उदासीनता और ग्राम पंचायत की घोर लापरवाही के कारण ग्रामीण पिछले दो महीनों से पीने के पानी के लिए भटकने को मजबूर हैं.
नल जल योजना के तहत चल रहे कार्य ने पूरे गांव को गड्ढों में तब्दील कर दिया है. सडक़ों की खुदाई के बाद न तो मरम्मत की गई और न ही वैकल्पिक रास्तों की व्यवस्था. इससे राहगीरों, बुजुर्गों और स्कूली बच्चों को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन और जिम्मेदार अधिकारियों को कई बार समस्या से अवगत कराया. लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. हालात यह हैं कि महिलाएं और बच्चे दूर-दराज क्षेत्रों से पानी लाने को मजबूर हैं.
पंचायत ने खड़े किए हाथ, जनता भगवान भरोसे
ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत ने इस गंभीर समस्या पर पूरी तरह चुप्पी साध ली है. पंचायत के पास करोड़ों रुपये का फंड होने के बावजूद न तो टैंकर से पानी की व्यवस्था की जा रही है और न ही ठेकेदार पर कोई दबाव बनाया जा रहा है. सरपंच सहित जनप्रतिनिधि जिम्मेदारी से बचते नजर आ रहे हैं.
खोखला साबित हुआ आश्वासन…
ग्रामीणों ने बताया कि जल निगम के अधिकारियों द्वारा क्षेत्रीय विधायक अरुण भीमावद 7 माह पहले अस्पताल में रोकस की बैठक लेने आए थे, तब जल निगम के अधिकारियों ने विधायक से नलजल योजना दो माह में चालू करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन आश्वासन के पूरे सात माह बीत जाने के बाद भी योजना शुरू नहीं हो सकी. न तो नई नलजल योजना से पानी मिला और न ही पुरानी पाइपलाइन को दुरुस्त किया गया. इससे साफ है कि जल निगम के अधिकारियों के आश्वासन केवल कागजों तक ही सीमित रह गए हैं.
पुरानी पाइपलाइन तोड़ी, नई से भी नहीं आया पानी
ठेकेदार द्वारा कार्य के दौरान गांव की पुरानी नलजल पाइपलाइन जगह-जगह से तोड़ दी गई, जिसके कारण गांव में पिछले दो महीनों से नलों में एक बूंद पानी नहीं आ रहा. हैरानी की बात यह है कि न तो पुरानी लाइन को अस्थायी रूप से दुरुस्त किया गया और न ही नई योजना से जलापूर्ति शुरू हो सकी.
इनका कहना है
करीब दो महीने से नल नहीं आ रहे हैं. पीने का पानी दूर से लाना पड़ रहा है. प्रशासन को कोई फर्क नहीं पड़ता.
– घनश्याम वर्मा, स्थानीय निवासी
2018 से नल जल योजना चल रही है, लेकिन आज तक पूरी नहीं हुई. ठेकेदार कछुआ चाल से काम कर रहा है, और उसकी गलती का खामियाजा गांव भुगत रहा हैं.
-गिरिराज सोनी,स्थानीय निवासी
नल जल योजना का काम चल रहा है. टीम काम कर रही है. एक माह का समय और लगेगा.
-सचिन दांगी, प्रबंधक जल निगम
हमने ठेकेदार सहित अधिकारियों को अवगत करवाया था कि पुरानी लाइन डेमेज न करें और टुकड़ों में कार्य करें लेकिन किसी ने नहीं सुनी.
-रामेश्वर पाटीदार, सरपंच प्रतिनिधि
