
जबलपुर। शहर में सप्लाई होने वाले पीने के पानी की शुद्धता और गुणवत्ता को लेकर पूर्व विधायक विनय सक्सेना ने मोर्चा खोल दिया है। इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई 17 मौतों का हवाला देते हुए पूर्व विधायक ने महापौर जगतबहादुर सिंह अन्नू और निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार को 13 सूत्रीय मांग और सुझाव पत्र सौंपा। इस दौरान उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते जल शोधन और वितरण प्रणाली में सुधार नहीं किया गया, तो शहर में गंभीर स्वास्थ्य संकट खड़ा हो सकता है। इसलिए पेयजल शुद्धता की जांच गंभीरता से की जाए।
इस संबंध में पूर्व विधायक विनय सक्सेना ने बताया कि दिसंबर 2025 में केन्द्र सरकार द्वारा जारी सर्वे रिपोर्ट में जबलपुर में सप्लाई किए जा रहे कुल पानी में केवल 54.3 प्रतिशत पानी ही सुरक्षित बताया गया है जबकि शेष 45.7 प्रतिशत पानी दूषित है जिसके लिए तत्काल कार्य योजना बनाने की मांग की गई है। पत्र में नगर निगम द्वारा कराई गई बोरिंग के पानी की गुणवत्ता का परीक्षण कराने की मांग भी की गई है क्योंकि शहर के विभिन्न इलाकों में आबादी का एक बड़ा वर्ग आज भी बोरिंग का पानी ही इस्तेमाल कर रहा है।
पानी की जांच बहुत जरूरी
नगर निगम द्वारा वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट, पाइप लाइन्स और पानी की टंकियों से होते हुए लोगों के घरों तक सप्लाई किया जा रहा पेयजल शुद्धता की कसौटी पर हकीकत में कितना साफ और शुद्ध है? जन हित में बेहद गंभीरता के साथ इसकी जांच पड़ताल अब बेहद ज़रूरी हो गई है। निगमायुक्त-महापौर को सौंपे गए मांग पत्र में ये भी कहा गया है कि शहर में सप्लाई किये जा रहे पानी की गुणवत्ता और शुद्धता की जांच शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज एवं मान्यता प्राप्त एनएबीएल लैब से कराई जाए। नगर निगम ने जहाँ जहाँ एस टी पी प्लांट स्थापित किए हैं उनके संधारण और सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए वरना प्लांट अपनी क्षमता अनुसार कार्य नहीं करेंगे।
इन इलाकों में हालात चिंताजनक
पूर्व विधायक के साथ नगर निगम पहुंचे कांग्रेसियों का कहना था कि रामेश्वरम पानी की टंकी में किए गए अतिक्रमण के साथ भोंगाद्वार में पन्नी से ढांककर की जा रही पानी की टंकी की सुरक्षा के साथ ही गोविन्द वल्लभ पंत वार्ड, मदार टेकरी, पसियाना, सिद्ध बाबा, लालमाटी, कठोंदा, करमेता, चण्डाल भाटा, शांति नगर, लेमा गार्डन गोहलपुर, अंबेडकर कॉलोनी, नरघईया, सराफा, लॉर्डगंज, गंजीपुरा, बल्देवबाग, आदि इलाकों में नाले और नालियों से होकर पाइप लाइन गुजरी है। जहां लीकेज के बाद दूषित पानी लोगों के घरों में पहुंचने का खतरा बना हुआ है। इस मौके पर अजय रावत, कमल दीक्षित, तेजकुमार भगत, लखन चौबे, राजीव तिवारी, दिलीप पटारिया, सुशीला कनोजिया सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसियों की उपस्थिति रही।
