ग्वालियर: ग्वालियर में आज शुक्रवार के दिन का आगाज भी कोहरे की चादर और हाड़ कंपाने वाली ठंड के साथ हुआ है। आसमान में बादलों के डेरे और जमीन पर गिरते पारे ने जिले को कोल्ड डे की स्थिति में ला खड़ा किया है, जहां न्यूनतम तापमान लुढ़ककर 5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। कड़ाके की इस ठंड ने न केवल स्कूली बच्चों को घरों में कैद रहने पर मजबूर कर दिया है, बल्कि खेतों में खड़ी सरसों और चने की फसलों पर पाले का खतरा भी मंडरा रहा है। प्रशासन ने बिगड़ते मौसम को देखते हुए स्कूलों की छुट्टियां बढ़ा दी हैं, तो वहीं कृषि विभाग ने किसानों को रात भर जागकर फसलों की रखवाली करने की चेतावनी जारी की है।
ग्वालियर शहर सहित समूचे चंबल अंचल में साल की शुरुआत से ही बादल छाए हैं। रोजाना ही दिन की शुरुआत घने कोहरे से हो रही है। हर दिन सुबह 11बजे तक कोहरा छाया रहता है। बीते 24 घंटे में दिन व रात के पारे में 1-1 डिग्री की गिरावट आई है। बीते रोज अधिकतम पारा 22 व न्यूनतम 5 डिग्री दर्ज किया। जबकि बुधवार को अधिकतम 23 व न्यूनतम 6 डिग्री था। दो दिन में न्यूनतम पारा 2 डिग्री नीचे आया है।
शहर की तुलना में ग्रामीण क्षेत्र में सर्दी का असर अधिक है। कृषि विभाग मसूर, सरसों, चना, तुअर एवं सब्जी फसलों में पाला पड़ने की संभावना जताई है। किसानों को सलाह दी जा रही है कि तापमान 5 डिग्री से 0 या इससे नीचे जाने पर पाले की संभावना है। खेतों के चारों ओर धुंआ करें, इससे पाले का प्रभाव कम हो सकता है। रात में पाले से बचने बोरवेल से फसल की सिंचाई करें।
सिंचाई से मिट्टी का तापमान 0.5 से 2 डिग्री तक बढ़ जाता है।8वीं तक के स्कूलों में छुट्टी पहले ही घोषित की जा चुकी है। कुछ प्राइवेट स्कूलों ने 28 दिसंबर से सर्दियों की छुट्टी कर दी थीं, वहां के बच्चे लगातार 12 दिन से स्कूल नहीं जा सके हैं।उत्तर भारत के ऊपर 240 किमी प्रति घंटा की गति से उपोष्ण पश्चिमी जेट स्ट्रीम हवाएं बहने से सर्दी का असर देखा जा रहा है। यह स्थिति लगातार बनी रहने से सर्दी का दौर भी जारी है।
