
जबलपुर। बहुजन चेतना विकास मोर्चा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने पत्रकार वार्ता में एक नई राजनीतिक पार्टी के गठन की घोषणा की गई। मोर्चा ने कहा कि जल-जंगल-जमीन और प्राकृतिक संसाधनों का दोहन लगातार बढ़ा है, वहीं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वास्थ्य, त्वरित न्याय, कृषि विकास, सार्वजनिक परिवहन और स्वच्छ पेयजल जैसे बुनियादी मुद्दे हाशिये पर चले गए हैं। इसी कारण नई राजनीतिक पार्टी गठित करने का निर्णय लिया गया। मोर्चा ने आरोप लगाया कि आज़ादी के बाद से अब तक देश और प्रदेश की सत्ता पर काबिज पार्टियाँ उद्योगपतियों, धन्नासेठों और सामंती वर्ग के हितों में काम करती रहीं, जबकि गरीब, किसान, मजदूर, महिलाएँ और बेरोजगार उपेक्षित रहे हैं। मोर्चा ने आम गरीब, किसान, मजदूर और महिलाओं को चुनाव लड़ने का अवसर देने, पर्यावरण संरक्षण, किसानों को लागत व लाभ आधारित मूल्य, सभी बच्चों को समान एवं निःशुल्क स्कूली शिक्षा, नदियों-तालाबों की सुरक्षा, अवैध रेत उत्खनन व निर्माण पर सख्ती जैसे वादे किए। साथ ही मध्यप्रदेश के आगामी स्थानीय निकाय चुनाव लड़ने, जनवरी 2026 से सघन सदस्यता अभियान चलाने और पंचायत स्तर तक संगठन विस्तार की घोषणा की गई। मोर्चा ने महाकौशल क्षेत्र के साथ हो रहे भेदभाव का आरोप लगाते हुए पृथक महाकौशल राज्य की मांग भी उठाई। इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष खेमराज झारिया, राष्ट्रीय महासचिव एन. के. दास, प्रदेश अध्यक्ष राधेश्याम झारिया सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी उपस्थित रहे।
