
सौसर। शहर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगे सोलर स्ट्रीट लाइट अब महज़ शोभा की सुपारी बनकर रह गए हैं। लगभग एक वर्ष पूर्व लाखों रुपये की लागत से हाईवे डिवाइडर पर इन लाइटों को लगाया गया था ताकि रात के समय यातायात सुगम और सुरक्षित रह सके। लेकिन वर्तमान में अधिकांश लाइट बंद पड़ी हैं, जिसके चलते अंधेरा छाया रहता है और दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।
गुणवत्ता पर उठे सवाल
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि महज़ कुछ महीनों के भीतर लाइटें बंद हो जाना कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े करता है। प्रदीप भोंगाडे का कहना है कि सरकार ने तो अच्छी पहल की थी, लेकिन ठेकेदार और विभागीय लापरवाही के कारण यह भ्रष्टाचार की भेट चढ़ गया। वहीं बोरगांव के ग्रामीण रुपेश ताजणे का कहना है कि अंधेरे के कारण रात में पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है, हादसे का डर हर वक्त बना रहता है।
नागरिकों की मांग
लोगों ने संबंधित विभाग से तत्काल लाइटें चालू कराने की मांग की है। उनका कहना है कि दोषपूर्ण कार्य के खिलाफ जांच कर जिम्मेदार ठेकेदार और अधिकारियों पर कार्यवाही की जानी चाहिए। नागरिकों का कहना है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
प्रशासन का पक्ष
इस संबंध में विभागीय सूत्रों ने बताया कि सोलर स्ट्रीट लाइटों की जांच की जाएगी और तकनीकी खराबी पाए जाने पर जल्द ही मरम्मत कराई जाएगी। दोषपूर्ण कार्य पाए जाने पर संबंधित एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बहरहाल सड़क सुरक्षा से जुड़ा यह मामला स्थानीय प्रशासन और विभागीय जिम्मेदारों के लिए गंभीर चुनौती बन गया है।
