
इंदौर। आज रेसिडेंसी कोठी में भागीरथपुरा हादसे को लेकर उच्च स्तरीय बैठक हुई। बैठक में भागीरथपुरा के टेंडर पर काम करने और शहर में पानी की समस्या को प्राथमिकता पर रखने का निर्णय किया गया है। साथ ही निगम में दो – तीन अधिकारियों को और पदस्थ करने का भी तय किया गया है।
भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी को लेकर कल मुख्यमंत्री ने एसीएस के साथ बैठक कर समस्या के निराकरण का कहा था। आज रेसिडेंसी कोठी में नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में बैठक हुई।
बैठक के विषय में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि भागीरथपुरा कांड इंदौर के लिए बहुत बड़ा हादसा है। इससे लड़ने और निराकरण के लिए सरकार और सभी लोग जुटे हुए है।
विजयवर्गीय ने बताया कि मुख्यमंत्री के आदेश पर आज की बैठक में टेंडर समस्या और भागीरथपुरा क्षेत्र के हालात पर चर्चा की गई। भागीरथपुरा के टेंडर दो दिन में खोल कर काम शुरू कर दिया जाएगा। इसके अलावा और भी छोटी मोटी समस्या को लेकर भी चर्चा हुई है, जिनका निराकरण सब मिलकर करेंगे। एक अधिकारियों की कमी को लेकर बात सामने आई है, जिसके एवज में सरकार 2-3 अधिकारी नगर निगम में और पदस्थ कर रही है। इससे एक अधिकारी पर काम का भार कम हो जाएगा।
भागीरथपुरा में 4 लोगों की मृत्यु की पुष्ट हुई है उनको आर्थिक सहायता दी जा चुकी है और लोगों के बढ़ने की जानकारी लेकर मुख्यमंत्री की घोषणा अनुसार राशि दी जाएगी। दूषित पानी से भागीरथपुरा में 1400 सौ लोग बीमार हुए है , जिनमे से दो सौ लोगो को अस्पतालों में भर्ती किया गया है और उनका इलाज चल रहा है। सरकार और निगम शहर में पानी की समस्या का निराकरण प्राथमिकता से करेगी।
