ग्लासगो CWG 2026 में भारतीय मुक्केबाजों का जलवा बरकरार है। जैसमीन लांबोरिया समेत 6 मुक्केबाजों ने क्वार्टरफाइनल जीतकर एक ही दिन में 6 पदक पक्के किए।
ग्लासगो, कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय मुक्केबाजों का शानदार प्रदर्शन जारी है। बुधवार को भारत ने बॉक्सिंग रिंग में क्लीन स्वीप करते हुए सभी छह क्वार्टरफाइनल मुकाबले जीत लिए और छह पदक पक्के कर लिए। जैसमीन लांबोरिया, नरेंद्र, अंकुश, सचिन सिवाच, अरुंधति चौधरी और साक्षी ने अपने-अपने मुकाबले जीतकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। कॉमनवेल्थ गेम्स के नियमों के अनुसार सेमीफाइनल में पहुंचने वाले सभी मुक्केबाजों का कम से कम कांस्य पदक सुनिश्चित हो जाता है।
जैसमीन लांबोरिया ने दिखाया दम
महिला 57 किग्रा वर्ग में जैसमीन लांबोरिया ने मेजबान इंग्लैंड की एलिस ग्लिन को 4-1 के स्प्लिट फैसले से हराकर भारत के लिए एक और पदक पक्का किया। हरियाणा के भिवानी की 24 वर्षीय जैसमीन ने चार जजों के स्कोरकार्ड पर जीत दर्ज की। बर्मिंघम 2022 की कांस्य पदक विजेता जैसमीन हाल ही में 2025 विश्व चैंपियनशिप और दो वर्ल्ड बॉक्सिंग कप में स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं।
पुरुष वर्ग ने भी धमाल
पुरुष 90 किग्रा वर्ग में नरेंद्र ने समोआ के माइकल सेको को 3-2 के करीबी स्प्लिट फैसले से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। वहीं, पुरुष 80 किग्रा वर्ग में अंकुश ने उत्तरी आयरलैंड के थॉमस मिकॉक पर पूरी तरह दबदबा बनाते हुए 5-0 से एकतरफा जीत दर्ज की। सभी पांच जजों ने मुकाबला भारतीय मुक्केबाज के पक्ष में दिया।
पुरुष 60 किग्रा वर्ग में सचिन सिवाच ने शानदार तकनीकी प्रदर्शन करते हुए अपने प्रतिद्वंद्वी को 5-0 से हराकर पदक सुनिश्चित किया। महिला 70 किग्रा वर्ग में अरुंधति चौधरी ने न्यूजीलैंड की मॉर्गन हेंडरसन को 3-1 के स्प्लिट फैसले से मात दी। मुकाबला बेहद रोमांचक रहा, लेकिन एक प्वाइंट पेनल्टी के कारण फैसला भारतीय मुक्केबाज के पक्ष में गया।
भारत के 9 मुक्केबाज सेमीफाइनल में पहुंचे
महिला 51 किग्रा वर्ग में साक्षी ने उत्तरी आयरलैंड की कैटलिन फ्रायर्स को 5-0 से हराकर एकतरफा जीत दर्ज की। पूरे मुकाबले में साक्षी ने आक्रामक खेल दिखाया और सभी राउंड में बढ़त बनाए रखी। इससे पहले मंगलवार को भी भारतीय बॉक्सिंग दल ने शानदार प्रदर्शन किया था। प्रीति (54 किग्रा), प्रिया (60 किग्रा) और मणिपुर के जादुमणि सिंह ने अपने-अपने क्वार्टरफाइनल मुकाबले जीतकर भारत के लिए तीन पदक पक्के किए थे।
अब तक भारत के कुल नौ मुक्केबाज सेमीफाइनल में पहुंच चुके हैं। ऐसे में भारतीय बॉक्सिंग दल के पास न सिर्फ कांस्य पदकों की गारंटी है, बल्कि अब सभी की नजरें फाइनल में जगह बनाकर स्वर्ण और रजत पदकों पर कब्जा करने पर होंगी।
