दबंग 2 में छेदी सिंह का किरदार निभाने वाले सोनू सूद आज 52 साल के हो गए हैं। 30 जुलाई 1973 को सोनू का जन्म पंजाब के मोगा में हुआ था। जानते हैं कैसे एक साधारण से परिवार में जन्मा लड़का कोरोना काल के दौरान लोगों का मसीहा बन गया।
मुंबई, पंजाब में जन्मे सोनू सूद ने अपनी इंजीनियरिंग की पढ़ाई नागपुर से की है। पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने मॉडलिंग की दुनिया में ग्रैंड एंट्री ली और यही से उनकी एक्टिंग का भी सफर शुरू हो गया। एक सक्सेसफुल मॉडलिंग करियर ने सोनू के कॉन्फिडेंस लेवल को इतना बढ़ा दिया कि उन्होंने एक्टिंग को बतौर करियर चुनने का फैसला ले लिया।
साउथ सिनेमा से शुरू हुआ सफर
सोनू सूद ने साल 1999 में साउथ सिनेमा से अपने करियर की शुरूआत की। उन्होंने कई तेलुगु फिल्मों में यादगार किरदार निभाए। उनके साउथ फिल्मों में नागार्जुन के साथ आयी फिल्म सुपर में सोनू के विलेन के रोल को सबसे ज्यादा सराहना मिली थी।
शहीद भगत सिंह के किरदार ने दिलायी पहचान
साल 2002 में सोनू सूद ने फिल्म शहीद-ए-आजम से बॉलीवुड में डेब्यू किया, जिसने उनके एक्टिंग करियर को हर घर में पहचान दिलायी। इसके बाद उन्होंने युवा, आशिक बनाया आपने, जोधा अकबर जैसी फिल्मों में भी बतौर सहयोगी एक्टर भी काम किया। हालांकि दबंग में सलमान खान के अपोजिट विलेन के किरदार ने सोनू को बॉलीवुड के सबसे दमदार विलेन की लिस्ट में शामिल कर दिया।
हॉलीवुड और अंतरराष्ट्रीय फिल्मों तक पहुंचा सफर
सोनू सूद ने भारतीय फिल्मों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बनाई। वर्ष 2017 में वह मशहूर अभिनेता जैकी चेन के साथ फिल्म ‘कुंग फू योगा’ में नजर आए। इस फिल्म में उनके अभिनय और एक्शन को अंतरराष्ट्रीय दर्शकों ने भी सराहा, जिससे उनका वैश्विक पहचान और मजबूत हुई।
कोविड-19 महामारी में बने लाखों लोगों की उम्मीद
कोविड-19 महामारी के दौरान सोनू सूद ने जरूरतमंदों की मदद कर देशभर में अलग पहचान बनाई। लॉकडाउन के समय उन्होंने हजारों प्रवासी मजदूरों और जरूरतमंद लोगों को उनके घर पहुंचाने में सहयोग किया। इसके अलावा शिक्षा, इलाज और रोजगार जैसी जरूरतों में भी उन्होंने अनेक लोगों की सहायता की। उनकी समाज सेवा आज भी लगातार जारी है और इसी वजह से लोग उन्हें केवल अभिनेता ही नहीं, बल्कि एक संवेदनशील इंसान के रूप में भी याद करते हैं।
कॉलेज की दोस्त बनी जीवनसाथी
सोनू सूद की निजी जिंदगी भी काफी प्रेरणादायक रही है। उन्होंने वर्ष 1996 में अपनी कॉलेज फ्रेंड सोनाली सूद से विवाह किया। दोनों की मुलाकात पढ़ाई के दौरान हुई थी, जो पहले दोस्ती और फिर प्रेम में बदल गई। आज उनके दो बेटे हैं। सोनाली हमेशा लाइमलाइट से दूर रहना पसंद करती हैं, जबकि सोनू सूद अपने परिवार और सामाजिक जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाकर आगे बढ़ते रहे हैं।
क्यों हैं सोनू सूद खास?
सोनू सूद ने अपने अभिनय, मेहनत और सामाजिक कार्यों के दम पर एक ऐसी पहचान बनाई है, जो उन्हें सिर्फ एक सक्सेसफुल एक्टर नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदार और प्रेरणादायक व्यक्तित्व के रूप में भी स्थापित करती है। फिल्मों में दमदार अभिनय और वास्तविक जीवन में जरूरतमंदों की सहायता करने की उनकी सोच ने उन्हें करोड़ों लोगों का प्रिय बना दिया।
