
संदीप सोनी बीड। निर्गुणी संत सिंगाजी महाराज की समाधि पर आस्थावानों का आगमन हर साल रिकॉर्ड तोड़ रहा है। इस बार 2 दिन में दो लाख लोगों ने दर्शन किए। इन्हें न कोई बुलाने जाता है, ना ही किसी तरह का प्रचार होता है। संत सिंगाजी में आस्था इतनी अधिक है, कि लोग अपने आप खिंचे चले आते हैं। सिंगाजी ने कई चमत्कार दिखाए, लेकिन उनके समाधिष्ट हो जाने के बाद। कभी उन्होंने खुद को महिमामंडित नहीं किया।
बढ़ते गए श्रद्धाल
बनती गई व्यवस्था
बड़ी संख्या में श्रद्धालु सुबह से ही दर्शन करने के लिए कतार में लग गए । दो दिनों में 2 लाख भक्तों ने दर्शन किए। संत सिंगाजी समाधि मार्ग पर भी पैदल चलने वाले व्यक्तियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा । एप्रोच रोड चौड़ा होने के कारण श्रद्धालुओं को आने-जाने में ज्यादा दिक्कत नहीं उठानी पड़ी।
पादुका की पंचामृत से महाभिषेक कर आरती
सोमवार सुबह 6 बजे संत सिंगाजी महाराज की पादुका को पांच अमृत से अभिषेक कर महा आरती की गई। वहीं इसके बाद हलवे का प्रसाद का वितरण दिनभर चलाते रहा। राज परिवार के निशान भानगढ़ से भी ले गए थे। ऐसे 500 से अधिक निशान संत सिंगाजी समाधि पर चढ़ाए गए ।
मेले में भी जुटी भीड़
दूरदराज से आए भक्तों ने संत सिंगाजी समाधि स्थल के दर्शन करके सिंगाजी मेले का लुफ्त भी उठाया। मेले में व्यंजनों का आनंद लिया। खरीदी भी जमकर की। बच्चों का घूमने का सिलसिला भी चला।
जगह-जगह पुलिस बल मौजूद होने से भक्तों को किसी प्रकार की दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ा। इस बार मेले में वाहनों को भी प्रबंध कर दिया गया।
घाटों पर भी दिखी भीड़
प्रशासन द्वारा देवझिरी पर घाट बनाया गया, जिसमें स्नान करने के लिए भक्तों को चेंजिंग रूम सहित अन्य व्यवस्था दी गई। यहां पर लाखों की संख्या में स्नान करने का दौर सुबह से शाम तक चलता रहा। मंदिर परिसर में दर्शन करने के लिए लंबी कतारें लगीं। भक्तों ने देसी घी भी चढ़ाया।
मंत्री शाह परिवार सहित निशान लेकर पहुंचे
सोमवार सुबह मंत्री विजय शाह, उनकी पत्नी भावना शाह परिवार सहित निशान लेकर संत सिंगाजी समाधि स्थल पहुंचे। भाजपा महामंत्री संतोष सोनी भी मौजूद रहे । निशान चढ़ाकर वे रवाना हो गए । हर साल मंत्री विजय शाह संत सिंगाजी महाराज के चरण पादुका के दर्शन करने के लिए आते हैं। इस वर्ष भी परिवार के साथ पहुंचे।
झाबुआ राजघराने के निशान के बाद शाम साढ़े पांच बजे महाआरती हुई
आस्थावान ढोल ढमाके के साथ निशान को लेकर संत सिंगाजी समाधि स्थल पहुंचे। यहां पर महंत रतन महाराज के द्वारा पूजा अर्चना की गई। मांधाता विधायक नारायण पटेल भी मौजूद रहे। निशान की चारों तरफ परिक्रमा कर मंदिर में बांध दिया गया। ये निशान अब पंचमी पर ही उतारे जाएंगे । राजघराने से आए लोगों ने बताया कि हम गुरु पूर्णिमा के दिन से निकले हैं। परिक्रमा के बाद महा आरती की गई । महंत द्वारा सिंगाजी महाराज की आरती उतारी गई। निशान को सुरक्षा के साथ लेकर आए। संत सिंगाजी महाराज की समाधि पर अर्पण किए गए। इस समय हजारों की संख्या में निशान के साथ श्रद्धालु पहुंचे। निशान आने से पहले संत सिंगाजी महाराज के मंदिर को साफ सफाई के लिए मंदिर बंद किया गया। आरती के पश्चात मंदिर के पट खोलकर भक्तों के दर्शन का सिलसिला शुरू हो गया।
तरीका अलग-अलग,आस्था एक!
सिंगाजी समाधि पर सुबह से ही निशान चढ़ाने की होड़ भक्तों में दिखी। कोई घर का बना घी लेकर पहुंचा था, तो किसी के हाथ में श्रद्धा के नारियल थे। सबके तरीके अलग, लेकिन विश्वास एक ही था। शाम को 6 बजे राजघराना झाबुआ जिले के निशान भी चढ़ाए गए।
