जबलपुर: हाईकोर्ट की एकलपीठ ने सुपारी देकर हत्या करवाने के आरोपी की जमानत खारिज कर दी है। एकलपीठ ने अपने आदेश में कहा कि कि रिकॉर्ड के अनुसार याचिकाकर्ता के हत्या में शामिल होने के साक्ष्य है। ऐसी स्थिति में उसे जमानत का लाभ नहीं दी जा सकता है।करेली जिला नरसिंहपुर निवासी आवेदक वसंत बंशकार की तरफ से दायर किये गये जमानत आवेदन में कहा गया था कि उसके खिलाफ सह आरोपी के बयान पर उसे हत्या के आरोप में आरोपी बनाया गया है।
सह आरोपी का कहना है कि हत्या करने उसने 40 हजार रूपये की सुपारी दी थी। आवेदक जून 2025 से न्यायिक हिरासत में है।अभियोजन की तरफ से पेश किये गये पहचान व पंचनामा के गवाह अपने बयान से पलट गए हैं। मृतक के शव के पास से कपड़े और लोहे का सब्बल बरामद किया गया था। आवेदक के पास से कोई कपडे बरामद नहीं हुए है। आवेदक की मृतक से कोई दुश्मनी नहीं है। हत्या करने के लिए रकम देने के भी कोई साक्ष्य नहीं है। जब्त की गया मोबाइल व सिम मौजूदा आवेदक के नाम पर रजिस्टर्ड नहीं है।
जमानत याचिका का विरोध करते हुए सरकार की तरफ से बताया गया कि आवेदक के पास से एक लोहे की रॉड, सब्बल और कुछ कपड़े मिले हैं, जिन पर इंसानी खून लगा था। इसके अलावा मोबाइल के साथ एक सिम कार्ड भी मिला जिससे आवेदक ने सह-आरोपी से 36 से ज़्यादा बार बात की। एकलपीठ ने उक्त आदेश के साथ जमानत देने से इंकार कर दिया।
