सीहोर। बीते रविवार को आष्टा तहसील मुख्यालय पर करणी सेना और वर्ग विशेष के बीच हुए विवाद के बाद मामला शांत नहीं हुआ है. स्थिति को देखते हुए प्रशासन द्वारा आष्टा में निषेधाज्ञा लागू की गई है. इसके बाद भी इंदौर से आ रहे करणी सैनिकों को पुलिस ने जावर जोड़ पर रोकते हुए आष्टा नहीं आने दिया.
गौरतलब है कि बीते रविवार को हरदा से लौट रहे करणी सैनिकों का वर्ग विशेष समुदाय के लोगों से विवाद हो गया था. इसके बाद करणी सैनिकों के वाहनों पर पथराव किया गया था. कई जगह तोडफ़ोड़ की वारदातें भी घटित हुई थीं. आष्टा, पार्वती थाने के अलावा अन्य शहरों से भी भारी पुलिस बल बुलाकर हालात सामान्य किए गए थे. इसके बाद पुलिस ने धरपकड़ कार्रवाई करते हुए दस पत्थरबाजों को गिरफ्तार कर लिया था. शनिवार को भी पुलिस ने हिन्दू उत्सव समिति के पूर्व अध्यक्ष भविष्य कालू भट व एक अन्य युवक को जेसीबी मशीन पर चढ़कर रील बनाते हुए शांति भंग करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया था. पुलिस द्वारा बीएनएस की धारा 163 के तहत शहर में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है. इसके बावजूद रविवार को राजपूत करणी सेना काल्वीधारा के प्रदेशाध्यक्ष अनुराग प्रताप सिंह व क्षत्रीय करणी सेना भारत के प्रदेशाध्यक्ष इंदलसिंह राणा कार्यकर्ताओं के साथ आष्टा आ रहे थे. एएएसपी सुनीता रावत के निर्देशन में भारी पुलिस बल ने उन्हें जावर जोड़ पर ही रोक लिया. इस दौरान करणी सैनिक वहीं धरने पर बैठ गए. पुलिस द्वारा उचित समझाईश दी गई और आष्टा में निषेधाज्ञा लागू होने का हवाला देते हुए वापस लौटने को कहा गया. आखिरकार उन्हें आष्टा जाने का इरादा त्यागते हुए वापस लौटना पड़ा. इस दौरान हाईवे पर वाहनों का जाम लग गया था. स्थिति सामान्य होने तक वाहन चालक परेशान होते रहे.
