नई दिल्ली। संसद के शीतकालीन सत्र के बीच पक्ष और विपक्ष के दो बड़े नेताओं की मुलाकात चर्चा का विषय बन गई है। वायनाड की नवनिर्वाचित सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा अपने निर्वाचन क्षेत्र की सड़कों की समस्याओं को लेकर केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के कक्ष में पहुंचीं। इससे पहले सदन में प्रियंका ने शिकायत की थी कि उन्हें जून से समय नहीं मिल रहा है, जिस पर गडकरी ने बेहद सादगी से जवाब दिया कि उन्हें किसी औपचारिक अपॉइंटमेंट की जरूरत नहीं है और वे कभी भी मिल सकती हैं। महज 10 मिनट की इस मुलाकात में गडकरी ने न केवल प्रियंका की मांगों को ध्यान से सुना, बल्कि उन्हें चावल से बनी एक विशेष डिश भी खिलाई। मुलाकात के दौरान माहौल उस समय बेहद खुशनुमा हो गया जब नितिन गडकरी ने राहुल गांधी का जिक्र करते हुए एक मजाकिया टिप्पणी की। गडकरी ने हंसते हुए कहा, “मैंने आपके भाई राहुल गांधी का काम तो कर दिया है, अब यदि आपका काम नहीं करूंगा तो लोग कहेंगे कि भाई का काम तो कर दिया पर बहन का नहीं किया।” गडकरी के इस हाजिरजवाबी अंदाज पर प्रियंका गांधी भी अपनी हंसी नहीं रोक पाईं। इस बातचीत का वीडियो और इसके किस्से सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिसे लोग एक स्वस्थ लोकतंत्र की एक खूबसूरत बानगी मान रहे हैं जहां वैचारिक मतभेदों के बीच भी व्यक्तिगत सौहार्द कायम है।
चर्चा के दौरान जब प्रियंका ने एक विशेष सड़क का मुद्दा उठाया, तो गडकरी ने स्पष्ट किया कि वह सड़क राज्य सरकार के अधीन है और केंद्र उसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकता। इस पर प्रियंका गांधी ने मुस्कराते हुए जवाब दिया, “कोई बात नहीं, राज्य में जल्द ही हमारी सरकार बनने वाली है, तब हम उसे खुद बनवा लेंगे।” मुलाकात के बाद प्रियंका ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर बताया कि मंत्री जी ने उनकी चिंताओं को गंभीरता से सुना और अधिकारियों को तत्काल अपडेट लेने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि वायनाड की जनता की सुरक्षा से जुड़े इन लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा किया जाएगा।

