इंदौर: पुलिस में लगातार सामने आ रहे पॉकेट गवाहों के मामलों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. चंदन नगर थाना क्षेत्र में दो व्यक्तियों को कई मामलों में गवाह बनाने के खुलासे के बाद अब खजराना थाना भी संदेह के घेरे में आ गया है. मामला उजागर होने पर पुलिस कमिश्नर ने डीसीपी को जांच के निर्देश दिए हैं. वहीं डीसीपी ने तत्कालीन थाना प्रभारी को नोटिस जारी किया है.
दरअसल, चंदन नगर थाने में कई मामलों में आमिर और सलमान नाम के दो व्यक्तियों को ही गवाह बनाने का मामला सामने आने पर सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस को कड़ी फटकार लगाई थी. अदालत ने थाना प्रभारी से यहां तक कह दिया था कि तुम दुर्भाग्य से उस कुर्सी पर बैठे हो, तुम्हें वहां नहीं होना चाहिए. इस प्रकरण ने पुलिस की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए थे.
अब इसी तरह का मामला इंदौर के खजराना थाने में भी सामने आया है. वर्ष 2022 से 2023 के बीच दर्ज कई मामलों में नवीन और इरशाद नाम के दो ही लोगों को गवाह बनाया गया है. इससे यह आशंका जताई जा रही है कि यहां भी कई मामलों में फर्जी गवाह खड़े किए गए. पॉकेट गवाहों की वजह से ना सिर्फ केस कमजोर होते हैं, बल्कि आरोपी के बरी होने की संभावना भी बढ़ जाती है.
पुलिस की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल
मामला सामने आने के बाद डीसीपी कृष्णलाल चंदानी ने तत्कालीन थाना प्रभारी दिनेश वर्मा को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. हालांकि, पहले नोटिस का जवाब नहीं देने पर अब दूसरा नोटिस जारी किया जा रहा है. लगातार कई थानों में ऐसे मामलों के सामने आने से पुलिस की छवि पर सवाल उठने लगे हैं और इन खुलासों ने विभाग की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है.
