
उज्जैन। श्रावण मास में भगवान महाकाल को जल चढ़ाने के लिए हजारों की संख्या में कावड़ यात्री उज्जैन आएंगे। वे मंदिर पहुंचने वाले मार्ग पर ही आने वाली होटलों में अपने रुकने का भी इंतजाम करते हैं। लेकिन इस मार्ग पर फिलहाल अधिकांश होटलें जो चल रही है वह हिंदू नाम से है जबकि उनके संचालक मुस्लिम है। ऐसे में कावड़ में जो पवित्र जल रहेगा उसकी व्यवस्था कैसे की जाएगी।
ऐसे में नाम की गफलत के चलते कावडि़ए होटल में रुक जाते हैं और बाद में पता चलने पर विवाद की स्थिति बनती है। इसको ध्यान में रखते हुए शहर के हिंदू संगठनों ने जिला प्रशासन से मांग करते हुए कहा है कि श्रावण मास शुरू होने से पहले ही मार्ग में जितनी भी इस प्रकार की होटलें आ रही है उनके नाम सही-सही लिखवाए जाए ताकि कावडिय़ों व आम श्रद्धालु को भी होटल लेने से पहले स्पष्टता हो। होटल किसी की और चला कोई और रहे तथा नाम कुछ और लिख रहे इन गड़बडिय़ों के चलते आम श्रद्धालु अपने को ठगा सा महसूस करता है।
श्रावण मास को देखते हुए महाकाल मंदिर के बाहर दुकानों पर हो रहा अतिक्रमण प्रशासन व पुलिस ने मंदिर समिति के अधिकारियों के साथ मिलकर हटाया।मंदिर में रोजाना हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। क्षेत्र में प्रतिदिन जाम की स्थिति बन रही है। इसको देखते हुए प्रशासन ने नगर निगम की टीम को साथ लेकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की है। टीम ने मंगलवार देर शाम को इसकी शुरुआत की थी जो बुधवार को भी जारी रही। मंदिर के आसपास मुख्य मार्गों पर दुकानदारों व होटल वालों ने अवैध अपने बोर्ड, टेबल और अन्य सामान सडक़ तक जमाकर अतिक्रमण कर रखा था जिसे हटाने की कार्रवाई की गई।
