उज्जैन: विश्व प्रसिद्ध बाबा महाकालेश्वर मंदिर में प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं. पुराने वर्ष के समापन और नए वर्ष की शुरुआत के मौके पर 10 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आगमन का अनुमान है. इसी भीड़ को व्यवस्थित करने और मंदिर की गरिमा को बनाए रखने के लिए अब प्रशासन मोबाइल प्रतिबंध की सख्त तैयारी कर रहा है.मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक ने मोबाइल फ्री दर्शन व्यवस्था पर काम शुरू कर दिया है की कोई भी श्रद्धालु अपना मोबाइल लेकर गर्भगृह, नदी हॉल और दहलीज क्षेत्र तक लेकर न जाए.
होटल गाड़ी में ही छोड़े मोबाइल
मंदिर में कोई मोबाइल न आए इसके लिए कड़े तो नियम बनाए जा रहे हैं जिसमें प्रशासन चाहता है कि श्रद्धालु होटल, होमस्टे, धर्मशाला या अपने वाहनों में ही मोबाइल छोड़कर मंदिर पहुंचे.
सीमित संख्या में लॉकर
यदि कोई गलती से मोबाइल अंदर लेकर आता है तो मंदिर परिसर में सुरक्षित लॉकर की व्यवस्था की जाएगी. बहुत ज्यादा संख्या में मोबाइल को मंदिर परिसर के अंदर लॉकर में रखना संभव नहीं है जब पूर्व में आशीष सिंह उज्जैन कलेक्टर थे तो उन्होंने नवाचार के तहत लाकर बनवाए थे उन्ही में मोबाइल रखे जा सकते हैं, वह तभी संभव है जब उनकी संख्या कम हो.
पंडे पुजारी के मोबाइल पर मंथन
महाकाल मंदिर के कर्मचारियों, पंडे-पुजारियों, सेवकों और प्रतिनिधियों को भी मोबाइल से किसी श्रद्धालु का फोटो खींचने पर रोक लगाई जाएगी. पंडितों के मोबाइल ले जाने को लेकर भी मंथन जारी है की उनके मोबाइल मंदिर में जा पाएंगे या नहीं.
गरिमा और सुरक्षा के तहत निर्णय
इस निर्णय के पीछे मुख्य कारण मंदिर की पवित्रता, श्रद्धालुओं की सुविधा और विवादित फोटो-वीडियो या रील्स को रोकना है. कई बार सोशल मीडिया पर वायरल हुए अनुचित वीडियोज़ से मंदिर की गरिमा को ठेस पहुंचती है और श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत होती हैं। सुरक्षा के तहत भी या निर्णय लिया गया है.
कलेक्टर कमिश्नर से भी चर्चा
मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक इस पूरी योजना पर उज्जैन कलेक्टर रोशन कुमार सिंह और संभागायुक्त आशीष सिंह के निर्देशन में तेजी से काम कर रहे हैं. यदि सब कुछ तय अनुसार हुआ, तो नए साल से महाकाल मंदिर में मोबाइल प्रतिबंध की नई व्यवस्था लागू हो सकती है
