
इंदौर. इंदौर मनमाड़ रेलवे लाइन परियोजना में भूमि अधिग्रहण को लेकर महू क्षेत्र के आदिवासी किसानों ने कम मुआवजा दिए जाने पर आपत्ति जताई है. किसान नेता हंसराज मंडलोई ने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र अपने किसानों को जमीन का चार गुना मुआवजा दे रहा है, जबकि मध्यप्रदेश सरकार सिर्फ दो गुना देने की तैयारी में है, जो आदिवासी किसानों के साथ भेदभाव है.
मंडलोई ने कहा कि महू विधानसभा क्षेत्र के 18 आदिवासी बहुल गांवों की 243 किसानों की करीब 131 हेक्टेयर जमीन परियोजना में जा रही है. रेल मंत्रालय गजट नोटिफिकेशन जारी कर चुका है और 30 दिनों के भीतर दावे–आपत्तियां मांगी गई हैं. मंडलोई का कहना है कि पहाड़ी और वन क्षेत्र होने के कारण आदिवासी किसानों के पास पहले से ही सीमित जमीन है. ऐसे में यह परियोजना उन्हें बेघर करने जैसा कदम है. उन्होंने मांग की कि मध्यप्रदेश भी महाराष्ट्र की तरह बाजार मूल्य का चार गुना मुआवजा दे, प्रभावित परिवारों के युवाओं को सरकारी रोजगार उपलब्ध कराया जाए और आदिवासी विकास परियोजना के तहत विशेष पैकेज दिया जाए. किसान नेताओं ने चेतावनी दी है कि अन्याय होने पर आदिवासी समाज आंदोलन के लिए मजबूर होगा.
