बेंगलुरु, 19 अगस्त (वार्ता) कर्नाटक में मंगलवार को भारी बारिश और बांधों से पानी छोड़े जाने के कारण कई जिलों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गयी और जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया।
मांड्या में कृष्णराज सागर और काबिनी जलाशयों से 1.20 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण श्रीरंगपट्टनम के पास कावेरी नदी का जलस्तर खतरनाक रूप से बढ़ गया है। श्रीरंगपटनम शहर और उसके आस-पास के कई निचले इलाके जलमग्न हो गए हैं। साथ ही नदी के किनारे खेतों में खड़ी फसलों के जलमग्न हो जाने से भारी नुकसान हुआ है।
प्रसिद्ध रंगनाथिटु पक्षी अभयारण्य भी आंशिक रूप से जलमग्न हो गया है। इसके कारण वन विभाग को नौका विहार स्थगित करना पड़ा और आगंतुकों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाना पड़ा। अधिकारियों ने बताया कि बुनियादी ढांचे को नुकसान से बचाने के लिए कुछ एहतियाती कदम उठाए गए हैं।
बेलगावी जिले में लगातार हो रही बारिश के कारण नवीलुतीर्थ बांध से 10,000 क्यूसेक पानी छोड़ना पड़ना। ज़िला प्रशासन ने निचले इलाकों में बाढ़ की चेतावनी जारी कर दी है और ग्रामीणों से सुरक्षित स्थानों पर जाने का आग्रह किया है। साथ ही किसानों को मवेशियों और पशुओं को भी ऊँचे स्थानों पर ले जाने की सलाह दी गई है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अधिकारियों और स्वयंसेवकों के आपात दल मुस्तैद है।
हुबली शहर और आसपास के इलाकों में भी सोमवार रात से भारी बारिश जारी है। इसके कारण ज़िला प्रशासन ने स्कूलों और कॉलेजों में छुट्टी घोषित कर दी है। शहर के कई हिस्सों में सड़कों के जलमग्न हो जाने से निवासियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि और अधिक बारिश से बाढ़ की स्थिति ज्यादा बिगड़ सकती है। हालांकि प्रभावित ज़िलों में अधिकारी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने निचले इलाकों के लोगों से सतर्क रहने और ज़रूरत पड़ने पर लोगों को निकालने के प्रयासों में सहयोग करने की भी अपील की है।
