
सिलवानी। इन दिनों शुगर मिल कंपनियों की गन्ना परिवहन करने की तकनीक लोगों की जिंदगी पर भारी पड़ रही हैं। कंपनी की लापरवाही के कारण कभी भी बड़ी अनहोनी होने से इंकार नहीं किया जा सकता है। दरअसल सिलवानी तहसील में बड़े हैक्टेयर में गन्ना की खेती की जाती है, कंपनी किसानों से सीधे गन्ना खरीदने का अनुबंध कर लेती है और अपनी जरुरत के हिसाब से गन्ना कटाई ढुलाई व परिवहन करती हैं। लेकिन परिवहन करने की तकनीक से न केवल हादसों को न्यौता दिया जा रहा बल्कि शासन को भी राजस्व का नुकसान पहुंचा रही हैं। उल्लेखनीय है कि एक ही ट्रेक्टर में दो से तीन ट्रालियों को जोड़कर उनमें 300 से 400 क्विंटल गन्ना भरकर परिवहन किया जा रहा है, इन ट्रालियों में न तो पीछे रिफलेक्टर लगे न ही रेडियम लाईट ऐसे मेें रात के समय तो यह किसी लापरवाही से कम नहीं है। इस तकनीक से कंपनी को भाड़े में खर्च होने वाली बड़ी राशि की बचत होती है, लेकिन यह तकनीक आम नागरिकों और सड़क से आवागमन करने वाले लोगों को परेशानी का कारण बनी हुई हैं। किसानों ने बताया कि गन्ना का खेत या गांव मुख्य सड़क से कुछ दूरी पर है तो यह कंपनी के कर्मचारी सड़क पर ही इन ट्रालियों को खड़ा करके चले जाते हैं और एक एक ट्राली को भरकर लाकर सड़क पर खड़ा कर देते हैं, इसके बाद दोनों, तीनों ट्रालियों को एक साथ जौड़कर ले जाते हैं। जिससे हादसों की आशंका बनी रहती है तो वहीं
आवागमन भी प्रभावित होता है।
क्षमता से अधिक ढोते हैं माल
किसान अर्जुन सिंह ने बताया कि एक ट्राली की क्षमता महज 50 से 60 क्विंटल गन्ना की होती है, लेकिन कंपनी के कर्मचारी एक ट्राली में ही लगभग 90 से 100 क्विंटल गन्ना लोड करवा लेते हैं। ऐसे ही तीन ट्रालियों को जोड़कर 300 क्विंटल गन्ना एक ट्रेक्टर से ढोते हैं। ऐसे में सड़क की हालत खराब होने के कारण कभी भी बड़ा हादसा होने से इंकार नहीं किया जा सकता है। नागरिकों ने पुलिस से मांग की है कि ऐसे वाहनों पर भी जल्द से जल्द कार्रवाई की जाए।
किसान परेशानी से बचने करते हैं अनुबंध
दरअसल किसान माल ढुलाई, परिवहन की परेशानी से बचने के लिए सीधे अनुबंध कर लेते हैं। यही वजह है कि कंपनी के कर्मचारी मनमानी करने में लगे हुए है। किसानों ने बताया कि एक बार फसल लगाने में तीन बार फसल का उत्पादन होता है,एक एकड़ में सारे खर्च काटने के बाद 1 लाख रुपए की बचत किसान को हो जाती है।
