मुंबई, 13 जुलाई (वार्ता) रियलिटी शोज़ लंबे समय से दर्शकों को मशहूर हस्तियों की निजी जिंदगी की झलक दिखाने का दावा करते रहे हैं। हालांकि, समय के साथ यह फॉर्मेट काफी हद तक स्क्रिप्टेड ड्रामा और संपादित पलों तक सीमित होता चला गया। ऐसे समय में रितेश देशमुख और फराह खान द्वारा होस्ट किया जा रहा ‘लॉक अप 2’ रियलिटी टीवी को एक नई दिशा देता नजर आ रहा है, जहां प्रतियोगियों की असली कहानियां, भावनाएं और जीवन के अनुभव केंद्र में हैं।इस सीजन में राम कपूर, शिवांगी जोशी, धीरज धूपर, हर्षद चोपड़ा, माधुरी ग्रोवर, आकांक्षा चमोला, श्रेया कालरा, सूफी मोटीवाला और पामेला सेरेना जैसे चर्चित चेहरे हिस्सा ले रहे हैं।
मनोरंजन और प्रतिस्पर्धा के साथ-साथ शो ने प्रतिभागियों को अपनी जिंदगी के सबसे निजी अनुभव, संघर्ष और पहचान पर खुलकर बात करने का मंच भी दिया है। हाल ही में अभिनेता राम कपूर ने अपने जीवन का एक बेहद दर्दनाक अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि किशोरावस्था के दौरान स्कूल में उनका यौन शोषण हुआ था। उन्होंने कहा कि इस घटना की जानकारी अब तक केवल उनकी पत्नी गौतमी कपूर को थी। उन्होंने स्वीकार किया कि इस घटना ने उनके जीवन पर गहरा मानसिक प्रभाव डाला और वे लंबे समय तक इससे उबर नहीं पाए।
राम कपूर की आपबीती सुनकर हर्षद चोपड़ा और सूफी मोटीवाला भावुक हो गए, जबकि रितेश देशमुख और फराह खान ने उन्हें गले लगाकर उनका हौसला बढ़ाया। दोनों होस्ट्स ने चार दशक तक अपने भीतर दबे इस दर्द को साझा करने के उनके साहस की सराहना भी की। इसी तरह आकांक्षा चमोला ने भी अपनी लैंगिक पहचान पर खुलकर बात करते हुए बताया कि वह बाइसेक्शुअल हैं। उन्होंने कहा कि शादी से पहले उनके पति गौरव खन्ना को इस बारे में पूरी जानकारी थी और उन्होंने उन्हें पूरे दिल से स्वीकार किया। उनकी बेबाकी ने लैंगिक पहचान और स्वीकार्यता जैसे विषयों पर खुली चर्चा को बढ़ावा दिया।
वहीं, सूफी मोटीवाला ने भारत में एक समलैंगिक व्यक्ति के रूप में अपनी पहचान स्वीकार करने की यात्रा, परिवार की अपेक्षाओं और माता-पिता को इस सच्चाई को समझने एवं स्वीकार करने में लगने वाले समय के बारे में भावुक अंदाज में अपनी बात रखी।
उन्होंने कहा कि जिस तरह किसी व्यक्ति को स्वयं अपनी पहचान स्वीकार करने में वर्षों लग सकते हैं, उसी तरह परिवार को भी इसे समझने और अपनाने के लिए समय चाहिए। इन अनुभवों ने यह स्पष्ट किया कि ‘लॉक अप 2’ केवल विवाद, रणनीति और मनोरंजन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उन सच्ची कहानियों को भी सामने ला रहा है जो अक्सर सार्वजनिक छवि के पीछे छिपी रह जाती हैं। प्रतियोगियों द्वारा अपने दर्द, संघर्ष, रिश्तों और पहचान पर खुलकर बात करना शो को अन्य रियलिटी कार्यक्रमों से अलग पहचान देता है।
दर्शकों का भी शो के प्रति मजबूत जुड़ाव देखने को मिला है। ‘लॉक अप 2’ नेटफ्लिक्स की ग्लोबल टॉप 10 नॉन-इंग्लिश शोज़ की सूची में 1.9 मिलियन व्यूज़ के साथ आठवें स्थान तक पहुंच चुका है, जबकि भारत में यह नेटफ्लिक्स टॉप 10 में पहले स्थान पर ट्रेंड कर रहा है। प्रतिस्पर्धा और मनोरंजन के साथ-साथ ‘लॉक अप 2’ ऐसा मंच बनकर उभरा है, जहां प्रतिभागी बिना किसी झिझक के अपनी सच्चाई, अपनी पहचान और अपने जीवन के सबसे कठिन अनुभव साझा कर रहे हैं। यही संवेदनशीलता और प्रामाणिकता इसे मौजूदा दौर के रियलिटी शोज़ के बीच अलग और खास बनाती है।

