
इंदौर. आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ ने इंदौर की एक रियल एस्टेट कंपनी पर शासन के पास बंधक रखी संपत्तियों को अवैध रूप से बेचने के मामले में गंभीर धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया है. जांच में पता चला कि कंपनी ने नियम तोड़कर कई प्लॉट अन्य लोगों के नाम कर दिए.
प्राप्त जानकारी के अनुसार ईओडब्ल्यू ने शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू की गई थी. जांच में सामने आया कि कंपनी ने कॉलोनी सेल इंदौर में कुल 249 प्लॉट बंधक रखे थे, जिनमें आइकॉनस लैंडमार्क 01 और 02 प्रोजेक्ट के भूखंड शामिल थे. नियमों के अनुसार, ऐसे प्लॉटों का स्वामित्व शासन के पास रहता है और उन्हें तभी बेचा जा सकता है जब उन्हें विधिवत मुक्त कराया जाए और कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र प्राप्त हो. लेकिन जांच में पाया गया कि कंपनी ने बिना अनुमति 15 बंधक प्लॉट बेच दिए और उनकी रजिस्ट्री भी कर दी. न तो प्लॉट मुक्त कराए गए और न ही अपर कलेक्टर कार्यालय से कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र लिया. इस वजह से खरीदारों को भी भारी नुकसान की आशंका है. ईओडब्ल्यू ने कंपनी से जुड़े संचालकों संतोष कुमार सिंह, संजीव जायसवाल, अनिरुद्ध देव सहित अन्य के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है. ईओडब्ल्यू अधिकारियों का कहना है कि जांच जारी है और मामले में और भी अनियमितताएं सामने आने की संभावना है.
