अंबेडकर प्रतिमा विवाद में सियासी दल तलाश रहे अपना नफा नुकसान

ग्वालियर चंबल डायरी
हरीश दुबे

ग्वालियर के फूलबाग स्थित अंबेडकर पार्क में कार्यक्रम करने का ऐलान कर भीम सेना ने गुरुग्राम से कूच तो किया लेकिन दो अप्रैल की घटना के बाद काफी संभल कर चल रहे ग्वालियर के पुलिस प्रशासन ने भीम सेना के काफिले को मुरैना बॉर्डर से ही वापस लौटा दिया। भीम सेना वापस तो लौट गई लेकिन एक तारीख दे गई, बस तभी से ग्वालियर पुलिस प्रशासन के हाथ पैर फूले हुए हैं। ऐलान 29 जून को फूलबाग मैदान पर भीमराव अग्निपथ महासभा करने का है।

प्रशासन ने अभी तक अनुमति तो नहीं दी है लेकिन हाई अलर्ट रखा गया है ताकि शहर का माहौल न बिगड़े। खुद वकीलों को इस बात का अंदाजा नहीं था कि हाईकोर्ट कैंपस में आंबेडकर प्रतिमा लगाने का मसला इतना तूल पकड़ लेगा। बार के कुछ पदाधिकारियों में प्रतिमा को लेकर विवाद हुआ और चंद्रशेखर की आजाद समाज पार्टी ने मामले को लपक लिया, अब तो मायावती भी ट्वीट करने में जुटीं हैं। कांग्रेस भी चाहती है कि यहां मूर्ति लगे।

युवक कांग्रेस में चुनाव चल रहे, नतीजे पहले से तय

ग्वालियर चंबल से पहली बार यूथ कांग्रेस के सूबा सदर की कुर्सी तक पहुंचे मितेंद्र दर्शन सिंह की नजर नेशनल बॉडी पर है। यूथ कांग्रेस में अभी सूबा सदर के चुनाव की प्रोसेस चल रही है। चर्चा यही है कि मितेंद्र ने एक और कार्यकाल के लिए पर्चा भरने के बजाए अपना समर्थन पूर्व मंत्री लखन घनघोरिया के बेटे यश को दिया है और यश का नया सूबा सदर बनना तय है, लिहाजा मितेंद्र के समक्ष नेशनल बॉडी की राह पकड़ने के सिवा दीगर विकल्प नहीं हैं, वजह यह कि विधानसभा चुनाव में अभी साढ़े तीन साल बाकी हैं और फिलहाल पार्टी संगठन में ही काम करने का अवसर है।

मितेंद्र यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव पहले ही रह चुके हैं और अब उम्मीद इससे ऊंचा ओहदा मिलने की है। ग्वालियर से संजय सिंह यादव भी यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव रह चुके हैं लेकिन वे इस बार संगठन चुनाव में सक्रिय नहीं दिख रहे। उनका एकमेव लक्ष्य विधानसभा चुनाव है। ग्वालियर के एक और एनएसयूआई नेता शिवराज यादव भी सूबा सदर के लिए फार्म भरकर कैंपेनिंग में जुटे हैं।

हमारे तुम्हारे बीच में

कुछ हंसी, कुछ ठिठोली और कुछ मन की व्यथा। इन सबको एक पुट में समेटकर सिंधिया संकेतों में अपनी बात कह देते हैं। एनर्जी मिनिस्टर की बिटिया की शादी में कुछ ऐसा ही हुआ। नवयुगल को आशीर्वाद देने के लिए सिंधिया और स्पीकर नरेंद्र सिंह तोमर एक ही वक्त पहुंचे। दोनों नेताओं के समर्थकों की भीड़ से मंच पट गया। कैलाशवासी महाराज की मामी और पूर्व मंत्राणी मायासिंह आगे की कतार से काफी पीछे खिसक गईं। नरेंद्र सिंह ने उन्हें आगे आने को कहा। इस पर सिंधिया नरेंद्र सिंह से कह बैठे, मामी को बीच में मत लाओ, हमारे तुम्हारे बीच में पहले से ही बहुत लोग हैं। सिंधिया का इशारा किस तरफ था, यह नरेंद्र सिंह भी तत्काल समझ गए और सिंधिया के समर्थक भी।

हम भी लेकर आए हैं ट्रेन

ग्वालियर से प्रयागराज के लिए शुरू हुई नई ट्रेन को सांसद भारत सिंह के हरी झंडी दिखाने के पहले ही कांग्रेस विधायक ने डबरा में इस ट्रेन को फूलमाला पहनाकर हरी झंडी दिखा दी। विधायक सुरेश राजे ने डबरा स्टेशन पर कांग्रेसवालों को इकट्ठा कर ये सब इतनी जल्दी किया कि भाजपा नेताओं को पता ही नही चला। यह सच है कि प्रयागराज के लिए यह ट्रेन शुरू कराने ग्वालियर के भाजपा सांसद अरसे से दौड़धूप कर रहे थे, जब ट्रेन का आगाज तय हो गया तो श्रेय का कुछ हिस्सा लूटने विधायकजी आगे आ गए।

अभी तो बारिश शुरू हुई है

मानसून अभी आया नहीं है लेकिन प्री मानसून मानसून बारिश ने ही शहर में इस कदर बदहाली करना शुरू कर दिया कि लोग कहने लगे कि जब आगाज ये है तो अंजाम का आलम क्या होगा! बहरहाल, दो दिन की हल्की बारिश ने नगर निगम और पीएचई महकमों सहित जिला प्रशासन को बाढ़ एवं जल भराव से संबंधित डिजास्टर मैनेजमेंट की कमीपेशियों पर विचार कर तैयारियों को मुकम्मल करने का मौका दे दिया है। कुछ बरस पहले श्योपुर के बाढ़ में डूबने के बाद जो खतरनाक मंजर बना था, उससे सबक सीखकर नए सिरे से बाढ़ आपदा प्रबंधन तैयार किया गया था, देखना है कि जमीनी हकीकत में यह सिस्टम कितना खरा साबित होता है।

डेढ़ साल बाद रहस्य खोल रहे दतिया के दामोदर

विधानसभा चुनाव होने के डेढ़ साल बाद दतिया के दामोदर यादव चौंकाने वाले रहस्योद्घाटन कर रहे हैं। कभी कमलनाथ के करीबी और प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष रह चुके यादव दावा कर रहे हैं कि विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने करीब 40 से 60 फीसदी टिकट दुकान लगाकर बेचे और डेढ़सौ सीटों पर कांग्रेस ने सौदेबाजी की। जवाब देने के बजाए प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता विवेक त्रिपाठी ने पलटवार किया कि लगता है कि दामोदर के पास भाजपा की तरफ से कोई तगड़ा प्रस्ताव आया है।

Next Post

सैन्य जंग खत्म और राजनीतिक जंग शुरू

Thu May 29 , 2025
दिल्ली डायरी प्रवेश कुमार मिश्र आपरेशन सिंदूर की उद्देश्यपूर्ण सफलता के बाद अब इस पर राजनीतिक जंग आरंभ हो गई है. जहां एक तरफ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी खुले मंच से आपरेशन सिंदूर की सफलता की बात रखते हुए पाकिस्तान को चुनौती देते दिख रहे हैं वहीं दूसरी ओर तिरंगा यात्रा […]

You May Like