खजुराहो बैठक से निकले संदेश

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की खजुराहो में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक केवल सरकारी औपचारिकता नहीं, बल्कि विकसित मध्य प्रदेश – 2047 की ठोस नींव रखने का प्रयास है. जिस तरह प्रदेश की अर्थव्यवस्था, औद्योगिक ढांचा और रोजगार सृजन को लेकर उन्होंने बड़े फैसलों की घोषणा की है, वह बताता है कि सरकार अगले दशक को विकास का ‘निर्णायक काल’ मानकर आगे बढ़ रही है.

सबसे महत्वपूर्ण निर्णय 21 विधानसभा क्षेत्रों में नए औद्योगिक एरिया विकसित करने का है. यह कदम अपने आप में साहसिक है, क्योंकि अब विकास केवल इंदौर-भोपाल तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पिछड़े क्षेत्रों तक औद्योगिक विस्तार पहुंचेगा. 6,000 नए एमएसएमई प्लॉट उपलब्ध कराना और अगले तीन वर्षों में 20 लाख रोजगार देने का लक्ष्य बताता है कि सरकार केवल घोषणा नहीं कर रही, बल्कि स्पष्ट समयबद्ध कार्ययोजना के साथ मैदान में उतर रही है. पिछले दो वर्षों में 2.85 लाख रोजगार का सृजन इस दिशा में आधार बन चुका है. स्टार्टअप इकोसिस्टम को 6,340 से बढ़ाकर 12,000 तक ले जाने का लक्ष्य उस डिजिटल और नवाचार-आधारित अर्थव्यवस्था के निर्माण का संकेत है, जिसकी ओर देश तेजी से बढ़ रहा है. युवा ऊर्जा का उपयोग किए बिना कोई भी राज्य आर्थिक छलांग नहीं लगा सकता, और इस मोर्चे पर सरकार की नीति कहीं अधिक स्पष्ट दिखाई दे रही है. औद्योगिक, लॉजिस्टिक्स और निर्यात—इन तीन नई नीतियों का लागू होना वैश्विक प्रतिस्पर्धा की तैयारी जैसा कदम है. पिछले दो वर्षों में 2.48 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्तावों के लिए भूमि आवंटन पूरा होना और 26 नए औद्योगिक पार्कों का स्वीकृत होना यह दर्शाता है कि प्रशासनिक मशीनरी भी गति में है. ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस में सुधार इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है. अर्थव्यवस्था का आकार 15 लाख करोड़ से बढ़ाकर 25.3 लाख करोड़ तक ले जाने का लक्ष्य निस्संदेह बड़ा है, परंतु असंभव नहीं. इसकी राह निर्यात को 1 लाख करोड़ रुपए तक ले जाने से होकर गुजरती है. 2024-25 में राज्य का निर्यात 66,218 करोड़ रुपए रहा था,अर्थात वृद्धि की संभावनाएं वास्तविक हैं, बशर्ते छोटे उद्योग, एग्री-बेस्ड यूनिट और फार्मा-कपड़ा जैसे सेक्टरों को स्थायी प्रोत्साहन मिले. महिलाओं को नाइट शिफ्ट में काम की अनुमति देना एक प्रगतिशील निर्णय है. यह न केवल उनकी आर्थिक भागीदारी बढ़ाएगा बल्कि उद्योगों में लैंगिक संतुलन भी मजबूत करेगा. ‘उद्योग वर्ष-2025’ की घोषणा भी बताती है कि आने वाला वर्ष मध्य प्रदेश के औद्योगिक भविष्य की दिशा तय करेगा. अन्य निर्णयों में 21 दिसंबर से भोपाल मेट्रो शुरू होने का निर्धारण राजधानी की शहरी गतिशीलता को नया आयाम देगा. यह परियोजना लंबे समय से प्रतीक्षित थी और इसके संचालन से शहरी अर्थव्यवस्था में नई तेजी आएगी. सबसे अहम बात,मुख्यमंत्री का बुंदेलखंड पर विशेष ज़ोर. यह क्षेत्र लंबे समय से विकास की पंक्ति में पीछे रहा है. यदि उद्योग, सिंचाई, सडक़ें और रोजगार यहां तक पहुंचते हैं, तो यह केवल बुंदेलखंड ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश की सामाजिक-आर्थिक तस्वीर बदल देगा. सरकार की मंशा स्पष्ट है,औद्योगिक विस्तार, निवेश आकर्षण और रोजगार वृद्धि को अगले तीन वर्षों में ठोस रूप देना. लेकिन याद रखना होगा कि हर घोषणा की असली कसौटी उसके क्रियान्वयन में होती है. प्रशासनिक समन्वय, भ्रष्टाचार पर नियंत्रण और जमीन आवंटन-परमिशन की पारदर्शिता जैसे मुद्दों पर सख्त निगरानी जरूरी होगी. यदि सरकार अपनी वर्तमान गति बनाए रखती है, तो मध्य प्रदेश न केवल मध्य भारत का औद्योगिक हब बनेगा, बल्कि राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को भी नई रफ्तार देगा. यह समय प्रदेश के लिए निर्णायक अवसर है,जिसे खोया नहीं जा सकता.

 

 

Next Post

हत्यारे को आजीवन कारावास की सजा

Wed Dec 10 , 2025
जबलपुर: अपर सत्र न्यायाधीश सुमन उइके की अदालत ने हत्या के आरोपी जबलपुर निवासी मोहम्मद शरीफ का दोषी करार दिया है। अदालत ने आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए उस पर जुर्माना भी लगाया है।मामले में अभियोजन की ओर से अपर लोक अभियोजक जीत सिंह पटेल ने पक्ष […]

You May Like