
झाबुआ। वनपरिक्षेत्र अधिकारी, थांदला को खैर की लकड़ी के अवैध परिवहन की सूचना प्राप्त हुई। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए वन परिक्षेत्राधिकारी तोला राम हटीला द्वारा वन अमले का गश्ती एवं चेकिंग दल गठित कर पेटलावद–अगराल मार्ग पर ग्राम झोसर के पास तैनात किया गया।
प्रातः लगभग 06:00 बजे चेकिंग के दौरान एक सफेद वाहन तेज गति से पेटलावद की ओर से आता दिखाई दिया। दल द्वारा वाहन को रोककर निरीक्षण किया गया, जिसमें वाहन क्रमांक MP05 G 7108 से खैर प्रजाति की गीली लकड़ी भरी हुई पाई गई। वाहन चालक ने अपना नाम आशीष पिता प्रभु भाभोर, निवासी अंतर्वेलिया, तहसील झाबुआ बताया तथा परिवहन से संबंधित कोई भी वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए।
उक्त कार्रवाई वनमंडलाधिकारी झाबुआ अमित वसंत निकम एवं उपवनमंडलाधिकारी झाबुआ एस.एल. यादव के मार्गदर्शन में की गई। मौके से वाहन एवं लगभग 0.990 घन मीटर (55 नग) गीली खैर लकड़ी को जब्त कर भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 41, 52, 67 एवं मध्यप्रदेश अभिवहन (वनोपज) नियम 2022 के उपनियम 3, 9, 10, 14, 16 के तहत प्रकरण क्रमांक 2013/18 दिनांक 02/12/2025 दर्ज किया गया।
प्रारंभिक जांच में पाया गया कि गीली खैर लकड़ी कचरू पिता बुहारीया कटारा, निवासी झोसर माता पाड़ा, तहसील पेटलावद की निजी भूमि तथा आसपास की अन्य निजी एवं शासकीय भूमि से बिना अनुमति काटी गई है, जो म.प्र. भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 165(6) के साथ-साथ मध्यप्रदेश आदिम जनजाति संरक्षण (वृक्षों में हित) अधिनियम 1999 एवं 2017 का उल्लंघन है।
जब्त वाहन का स्वामी शंभू लाल, निवासी ग्राम 69 कुआंझागर, पोस्ट मुंदरी, जिला रतलाम पाया गया। कार्यवाही में संलिप्त आरोपी वाहन चालक आशीष तथा अन्य राकेश एवं पान सिंह को हिरासत में लेकर वन परिक्षेत्र कार्यालय लाया गया तथा वाहन को राजसात की कार्रवाई हेतु वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी गई।
