जबलपुर:कैंट क्षेत्र के राजीव गांधी नगर के 100 से अधिक परिवारों को अपने-अपने आशियाने हटाने के लिए 10 दिसंबर तक का समय डिफेंस इस्टेट ऑफिसर के द्वारा दिया गया है। जिसके बाद से यहां के परिवारों में भय का माहौल बना हुआ है। जानकारी के अनुसार राजीव गांधी नगर में सैन्य जमीन पर करीब 100 से अधिक परिवारों ने अवैध निर्माण कर अपने-अपने घर बना लिए हैं और वहां वे पिछले लंबे समय से रह रहे हैं। यहां के सभी परिवारों को सार्वजनिक परिसर (अनधिकृत अधिभोगियों की बेदखली) अधिनियम, 1971 की धारा 5बी की उपधारा (1) के अंतर्गत नोटिस दिया गया है जिसमें उन्हें समय सीमा भी बता दी गई है।
डीईओ (डिफेंस इस्टेट ऑफिसर) कार्यालय ने नोटिस के माध्यम से यह स्पष्ट कर दिया है कि निर्धारित समय में अवैध निर्माण को संबंधित परिवार खुद हटा लें। अन्यथा अधिनियम की धारा 5 ख की उपधारा (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया जाएगा। वहीं ध्वस्तीकरण का व्यय भी संबंधित परिवार से वसूल किया जाएगा। उधर संपदा अधिकारी के द्वारा राजीव गांधी नगर के अलावा एमजीएम स्कूल के पास स्थित अंबेडकर बस्ती के करीब 40 परिवारों को भी नोटिस दिया गया है। उक्त परिवारों को भी 10 दिसंबर तक का समय दिया गया है।
अक्टूबर-नवंबर माह में जारी हो चुके हैं नोटिस
विदित हो कि अक्टूबर और नवंबर माह में डीईओ कार्यालय से संबंधित परिवारों को कई बार नोटिस जारी करके बोला जा चुका है कि अगर इस जमीन से संबंधित उनके पास कोई भी दस्तावेज उपलब्ध हों तो वे सामने लाएं नहीं तो अपने-अपने कब्जे को खुद हटा लें। खबर है कि डीईओ ने नुजूल की जमीन में पट्टा प्राप्त परिवारों को बेदखली का नोटिस जारी किया है और स्पष्ट कहा है कि वे 10 दिसंबर तक अपने-अपने अवैध निर्माण को हटा लें।
