
जबलपुर। इंस्टाग्राम आईडी के जरिए दो भाईयों को हनी ट्रैप के जाल मेें फंसाने के बाद ब्लैकमेल मामले में विभागीय कार्रवाई शुरू हो गई। साथ ही दो सिपाहियों को हटा दिया गया। जबकि चौकी प्रभारी पर भी कार्रवाई की तलवार लटकी हुई है। दरअसल लार्डगंज थना अंतर्गत यादव कॉलोनी चौकी स्थित ईडब्ल्यूएस क्वार्टर शताब्दीपुरम में दोनों भाई युवती से मिलने पहुंचे थे जहां युवती ने अपने दो युवक दोस्तों को बुला लिया पहले तो दोनों भाईयों की पिटाई करवाई इसके बाद पुलिस सभी को पकडक़र चौकी लेकर चली गई थी जहां ब्लैकमेल कर एक लाख रूपए की डिमांड हुई थी। रूपए न देने पर बलात्कार के झूठे केस में फंसाने की धमकी दी गई थी। इस मामले में प्रारंभिक जांच में पुलिस की भूमिका संदेह के घेरे मेें आ गई। इसके बाद तत्काल प्रभाव से आरक्षकों सचिन जैन, सिद्धार्थ दुबे को चौकी से हटाने के साथ लाइन अटैच किया गया है। जबकि चौकी प्रभारी अनिल कुमार सिंह कार्रवाई के समय मौजूद थे जिनकी भूमिका भी संदिग्ध है और जांच चल रही है, जांच के बाद आगे की कार्रवाई होना है।
क्या है मामला-
जानकारी के मुताबिक पावला बेलखेडा निवासी 19 वर्षीय युवक ने शनिवार को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके बडे पापा का लडका से इंस्टाग्राम आईडी पर रागिनी शर्मा नाम की लडक़ी से दो तीन दिन पहले चैटिंग में बात हुयी। शुक्रवार को दोपहर 2:30 बजे दोपहर उसका इंस्टाग्राम मैसेज आया कि आज मैं फ्री हूं, आज मिलते है नहीं तो मैं अपने घर करेली नरसिंहपुर चली जाउंगी। इसके बाद वह अपने भाई के साथ मिलने सहमत हो गया। इसके बाद उसने बताया कि उसका दोस्त ईडब्ल्यूएस क्वार्टर शताब्दीपुरम में रहता है, वहीं पर मिलते है तो रागिनी शर्मा मेहता पेट्रोल पंप के पास मिलने आयी उसके बाद उसने नगद 500 रूपये लिये। इसके बाद तीनों गाडी मेंं बैठकर ईडब्ल्यूएस क्वार्टर शताब्दी पुरम में पहुंचे इसके बाद रागिनी शर्मा ने बोला कि भूख लगी है और चाईनीज, बियर की एक बटल एवं सिगरेट बुलवाई। इसके बाद दस मिनट बाद उसने फोन करके अपने साथी विवेक तिवारी एवं साहिल बर्मन को बुला लिया और वह लोग वीडियो बनाने लगे और मारपीट करने लगे। इसके बाद पुलिस पहुंची और सभी को थाने लेकर चली गई। इसके बाद विवेक, शाहिल चौकी में बोले कि एक लाख रूपए दो नहीं तो तुमको बलात्कार के केस में फंसवा देंगे। इसके बाद उसने परिजनों को बुलाया उन्हें पूरे मामले से अवगत कराया। एक लाख रूपए देने के लिए बोला तो परिजनों ने पैसे देने से मना करते हुए रिपोर्ट दर्ज कराने की बात कहीं तो उसने थाने मेें रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
चार घंटे थाने में चलती रही डीलिंग
सूत्रों के मुताबिक हनी ट्रैप गैंग और पीडि़त के बीच खुलेआम तीन से चार घंटे तक डीलिंग चलती रही। डराने धमकाने का खेल चलने के साथ झूठे केस में फंसाने की धमकियां दी जानी गई। प्रारंभिक जांच में इस कांड में पुलिस की मिलीभगत सामने आ रही है।
तीनों गए जेल
पुलिस ने मामले मेें धारा 308(2), 61(2), 296,115(2), 3 (5) के तहत प्रकरण दर्ज कर रागिनी शर्मा, विवेक तिवारी, साहिल बर्मन के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। तीनों को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।
इनका कहना है
मामले में दो आरक्षकों को हटा दिया गया है उन्हें लाइन अटैच किया गया है। चौकी प्रभारी व अन्य की भूमिका पर जांच चल रही है जांच में जो तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
रितेश कुमार शिव, सीएसपी, कोतवाली
