
रेहटी/बुधनी। मकर संक्रांति पर आंवलीघांट में आस्था, श्रद्धा और विश्वास का अद्भुत संगम देखने को मिला. अलसुबह से ही श्रद्धालुओं का सैलाब मां नर्मदा में स्नान-दान के लिए उमड़ पड़ा. दूर-दराज क्षेत्रों से आए श्रद्धालु अपने-अपने वाहनों से घाट की ओर पहुंचे और विधि-विधान से स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित किया.
मां नर्मदा के अनेक घाट होने के बावजूद आंवलीघांट का विशेष धार्मिक महत्व है. मान्यता है कि मकर संक्रांति के दिन यहां स्नान-दान करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है. श्रद्धालु आंवली घाट में डुबकी लगाकर देवी धाम सलकनपुर पहुंचे.
मकर संक्रांति पर प्रसिद्ध शक्तिपीठ देवी धाम सलकनपुर में भी आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा. महंत प्रभुदयाल शर्मा ने बताया कि सनातन परंपरा के अनुसार हर वर्ष 14 जनवरी को सूर्य के उत्तरायण होने पर स्नान-दान का विशेष महत्व माना गया है. इसी मान्यता के अनुरूप श्रद्धालु नर्मदा स्नान के पश्चात मां विजयासन के दर्शन के लिए सलकनपुर पहुंचते हैं. बुधवार को देवी धाम सलकनपुर में लगभग 20 से 30 हजार श्रद्धालुओं ने मां विजयासन के दर्शन कर पुण्य लाभ लिया. बुधवार को कहीं घोषित तो कहीं अघोषित अवकाश होने के कारण श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिली.
एसडीओपी रवि शर्मा ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग घाटों पर पुलिस बल तैनात किया गया है. थाना प्रभारी राजेश कहारे ने बताया आंवलीघाट पर एसडीआरएफ टीम सहित 20 से अधिक पुलिस जवान मुस्तैद रहे. वहीं नायब तहसीलदार रेहटी ने जानकारी दी कि प्रत्येक घाट पर पृथक-पृथक टीम गठित कर ड्यूटी लगाई गई है, जिससे किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो.
मकर संक्रांति पर्व पर नर्मदा घाटों पर उमड़ा जनसैलाब
बुधनी. मकर संक्रांति के पावन पर्व पर स्नान-दान का विशेष महत्व माना जाता है. नर्मदा के घाटों पर मंगलवार सुबह से ही श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया था. अलसुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने मां नर्मदा के प्राचीन घाटों पर आस्था की डुबकी लगाई. स्नान के उपरांत श्रद्धालुओं ने दान-पुण्य किया तथा नगर व आसपास के मंदिरों में पहुंचकर भगवान का आशीर्वाद प्राप्त किया. घाटों पर पूरे दिन धार्मिक वातावरण बना रहा और नर्मदे हर के जयघोष गूंजते रहे.
