हैदराबाद, हाल ही में अपनी तीसरी शादी को लेकर चर्चा में आए अभिनेता आमिर खान ने खुद पर लग रहे ‘लव जिहाद’ के आरोपों पर चुप्पी तोड़ी है। अभिनेता ने स्पष्ट किया कि उनका परिवार हमेशा से अंतरधार्मिक संबंधों का समर्थक रहा है और उन्होंने कभी धर्म परिवर्तन को बढ़ावा नहीं दिया। उन्होंने बताया कि उनकी वर्तमान पत्नी गौरी स्प्रैट सहित उनकी पिछली दोनों पत्नियों (रीना दत्ता और किरण राव) ने शादी के बाद अपना धर्म नहीं बदला है, क्योंकि ये सभी सिविल मैरिज थीं।
शादी के बाद धर्मगुरुओं का फतवा
आमिर खान के इस स्पष्टीकरण के तुरंत बाद, उत्तर प्रदेश के एक प्रमुख धर्मगुरु, मुफ्ती मौलाना चौधरी इफराहिम हुसैन ने अभिनेता के खिलाफ फतवा जारी कर दिया है। धर्मगुरु का दावा है कि शरिया कानून के तहत एक मुस्लिम पुरुष का गैर-इस्लामी धर्म की महिला से विवाह करना नाजायज और पाप है। उन्होंने आमिर खान की इस शादी को इस्लाम की छवि धूमिल करने वाला कृत्य करार दिया है और कहा है कि इस विवादास्पद कदम के लिए उन्हें अल्लाह के सामने जवाबदेह होना पड़ेगा।
निजी समारोह और बढ़ता विवाद
आमिर खान और गौरी स्प्रैट की शादी 5 जुलाई 2026 को एक निजी समारोह में हुई थी, जिसमें परिवार के करीबी सदस्य और चुनिंदा मेहमान ही शामिल हुए थे। अभिनेता के बचाव के बाद भी फतवे ने सोशल मीडिया पर एक नई बहस छेड़ दी है, जहाँ लोग इस मामले पर बंटे हुए हैं। आमिर खान और उनकी टीम ने फिलहाल इस फतवे या धर्मगुरु की कड़ी टिप्पणियों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, जिससे यह मामला और भी तूल पकड़ता जा रहा है।

