नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक भारत के सार्वजनिक खजाने का संरक्षक- राधाकृष्णन

नयी दिल्ली, 16 नवंबर (वार्ता) उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने यहां रविवार को देश के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) को सार्वजनिक खजाने का संरक्षक बताया। इस अवसर पर श्री राधाकृष्णन ने सीएजी की सार्वजनिक धन की सुरक्षा और सुशासन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला।

श्री राधाकृष्णन ने यह बात पांचवें लेखापरीक्षा दिवस समारोह में बतौर मुख्य अतिथि कही। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि दुनिया भर के सर्वोच्च लेखा परीक्षा संस्थानों का एक ही उद्देश्य है, सार्वजनिक धन की रक्षा करना और सुशासन को बढ़ावा देना। उन्होंने कहा कि भारत का सीएजी सार्वजनिक जीवन में जवाबदेही, पारदर्शिता और सत्यनिष्ठा के सिद्धांतों को कायम रखते हुए गर्व से खड़ा है।

श्री राधाकृष्णन ने सीएजी की रिपोर्टों को तथ्यात्मक, साक्ष्य-आधारित और भारत की ‘नैतिक संपदा’ का केंद्र बताया।

श्री राधाकृष्णन ने केंद्र और राज्य सरकारों, दोनों के लिए ‘एक राष्ट्र, एक वस्तु व्यय शीर्ष’ अधिसूचित करने के लिए सीएजी की सराहना करते हुये कहा कि यह एक ऐसा सुधार है जो सरकारी व्यय की पारदर्शिता और तुलनात्मकता को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाएगा।

श्री राधाकृष्णन ने एआई, बिग डेटा, ब्लॉकचेन और मशीन लर्निंग में भारत की प्रगति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सीएजी ने ‘वन इंडियन ऑडिट एंड अकाउंट्स डिपार्टमेंट’ (आईएएडी) वन सिस्टम, एआई-आधारित ऑडिट फ्रेमवर्क और कई अन्य उपायों जैसी पहलों के माध्यम से, प्रौद्योगिकी, पूर्वानुमान विश्लेषण और जनरेटिव एआई को सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन के डीएनए में समाहित कर दिया है।

उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी अपनाने से जोखिम का पता लगाने, दक्षता और साक्ष्य-आधारित शासन में सुधार होगा, जिससे सार्वजनिक धन का इष्टतम उपयोग सुनिश्चित होगा। उन्होंने आगे कहा कि इसे प्राप्त करने के लिए, हमें भविष्य के लिए तैयारी और नागरिक-केंद्रित सिविल सेवा की आवश्यकता है।

श्री राधाकृष्णन ने इस बात पर प्रकाश डाला कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) और अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) जैसे संगठनों के लिए बाह्य लेखा परीक्षक के रूप में अपनी भूमिका के साथ, सीएजी की वैश्विक प्रतिष्ठा में वृद्धि हुई है।

श्री राधाकृष्णन ने राजकोषीय अनुशासन और पारदर्शिता को बढ़ावा देने में सरकार और सीएजी के बीच दृढ़ साझेदारी को रेखांकित किया। उन्होंने अधिकारियों से अपने कौशल और लेखा परीक्षा क्षमताओं को निरंतर उन्नत करने का आग्रह करते हुये कहा कि जन कल्याण शासन के केंद्र में बना रहे।

इस कार्यक्रम में भारत के सीएजी के. संजय मूर्ति, उप सीएजी सुबीर मलिक, कृष्णन सागरन सुब्रमण्यन, सेवानिवृत्त सीएजी जयंत सिन्हा, तथा भारतीय लेखा परीक्षा एवं लेखा सेवा (आईएएंडएएस) के अधिकारी उपस्थित थे।

 

Next Post

लाल किला कार विस्फोट मामले की वाहन जनित परिष्कृत विस्फोटक उपकरण पहलू से भी जांच : जांच एजेंसियां

Sun Nov 16 , 2025
नयी दिल्ली, 16 नवंबर, (वार्ता) लाल किले के पास सोमवार को हुए कार विस्फोट मामले में जाँच एजेंसियां इस पहलू से भी विश्लेषण कर रही हैं कि क्या वह विस्फोट कथित आत्मघाती हमलावर डॉ. उमर नबी द्वारा इस्तेमाल किए गए वाहन जनित परिष्कृत विस्फोटक उपकरण(वीबीआईईडी) से हुआ था। डॉ. उमर […]

You May Like