तमिलनाडु और उत्तराखंड में भी होगा हॉकी इंडिया लेवल-1 कोचिंग कोर्स

नयी दिल्ली, 13 मई (वार्ता) हॉकी इंडिया ने देश में जमीनी स्तर पर तकनीकी मानको को बेहतर बनाने के मकसद से हॉकी इंडिया लेवल -1 कोचिंग कोर्स कार्यक्रम में का विस्तार करते हुए तमिलनाडु और उत्तराखंड को भी इसमें शामिल किया है। यह कोर्स मई और जून 2026 में कोयंबटूर (तमिलनाडु) और हरिद्वार (उत्तराखंड) में कई बैच में चलाया जाएगा। कोर्स के लिए रजिस्ट्रेशन 13 मई को शुरू होगा और 17 मई को खत्म होगा।अपनी शुरुआत से लेकर, 2019 से 2026 तक हुए हॉकी इंडिया कोचिंग एजुकेशन पाथवे कोर्स ने देश भर में 600 से अधिक कोच को आधिकारिक तौर प्रमाणित किया है।

कप्तान और कोच रानी रामपाल ने कहा, “एक खिलाड़ी से कोच बनना एक अलग सफ़र है, और हॉकी इंडिया कोचिंग एजुकेशन पाथवे इस प्रोसेस में बहुत ज़रूरी रहा है। जिन्हें इस कार्यक्रम से भी फायदा हुआ और जो एफआईएच एकेडमी लेवल 3 सर्टिफाइड कोच हैं। फॉर्मल लेवल पर आगे बढ़ने से मुझे आधुनिक कोचिंग के तरीकों, तकनीकी योजना और एथलीट प्रबंधन की बहुत गहरी और ज्यादा स्ट्रक्चर्ड समझ मिली।” उन्होंने कहा, “हमारे घरेलू इकोसिस्टम के लिए, यह फ्रेमवर्क सच में एक गेम-चेंजर है। यह पक्का करता है कि देश भर के कोच एक ही टेक्निकल भाषा बोलें। सब-जूनियर टीम के साथ अपने रोल में, मैं खुद देखती हूँ कि डेवलपमेंट के स्टेज पर इन एडवांस्ड इंटरनेशनल कॉन्सेप्ट को लागू करने से हमारे युवा एथलीट की ग्रोथ सीधे तौर पर कैसे तेज़ होती है और उन्हें सबसे ऊँचे लेवल के लिए तैयार करती है।”

कोचिंग पारिस्थितिकी तंत्र के लगातार विकास पर हॉकी इंडिया के अध्यक्ष डॉ. दिलीप टिर्की ने कहा, “एक मजबूत घरेलू कोचिंग स्ट्रक्चर किसी भी वर्ल्ड-क्लास स्पोर्टिंग देश की नींव होता है। 600 से अधिक सर्टिफाइड कोच का माइलस्टोन पार करना भारतीय हॉकी को जमीनी स्तर से आत्मनिर्भर और टेक्निकली मजबूत बनाने के हमारे विज़न को दिखाता है। अपने घरेलू कोच को मॉडर्न तरीकों से लैस करके, हम सीधे तौर पर यह पक्का कर रहे हैं कि युवा एथलीटों की अगली पीढ़ी को उनके शुरुआती सालों से ही सबसे ऊंचे स्टैंडर्ड की मेंटरशिप मिले।” हॉकी इंडिया के महासचिव भोला नाथ सिंह ने कहा, “तमिलनाडु और उत्तराखंड जैसे अलग-अलग इलाकों में कोचिंग एजुकेशन पाथवे का विस्तार देश के हर कोने तक पहुंचने के हमारे कमिटमेंट को दिखाता है। हमें जेंडर इक्वालिटी पर खास फोकस और हमारे इंटरनेशनल एथलीट्स के फॉर्मल कोचिंग रोल्स में एक्टिव ट्रांजिशन पर खास तौर पर गर्व है। यह स्ट्रक्चर्ड फ्रेमवर्क यह पक्का करता है कि हमारे सबसे अनुभवी लोगों का बहुत सारा टैक्टिकल ज्ञान इंडियन हॉकी पाइपलाइन में असरदार तरीके से वापस आए।”

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