
भोपाल: भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) ने वीआईटी विश्वविद्यालय परिसर में बिना किसी वैधानिक अनुमति के संचालित किए जा रहे कथित अवैध क्लिनिक को लेकर गंभीर आपत्ति जताई है। एनएसयूआई के प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, मुख्य सचिव सहित स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों को शिकायत भेजकर तत्काल एफआईआर दर्ज करने, क्लिनिक को सील करने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
परमार ने उच्च शिक्षा विभाग द्वारा 1 दिसंबर को जारी पत्र का हवाला देते हुए कहा कि वीआईटी विश्वविद्यालय ने न तो मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, सीहोर से अनुमति ली है और न ही प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से अनापत्ति प्रमाणपत्र प्राप्त किया है। उन्होंने कहा कि यह दस्तावेज स्वयं साबित करता है कि क्लिनिक पूरी तरह अवैध रूप से संचालित हो रहा है।
परमार ने आरोप लगाया कि क्लिनिक में तैनात अप्रमाणित स्वास्थ्यकर्मियों की लापरवाही के कारण लगभग 35 छात्र गंभीर रूप से बीमार पड़ गए, जबकि गलत इलाज और असुरक्षित चिकित्सा पद्धतियों के चलते एक छात्र की दर्दनाक मृत्यु भी हो गई।
जिला एनएसयूआई अध्यक्ष अक्षय तोमर ने कहा कि बिना अनुमति चल रहे इस क्लिनिक से संक्रमण फैलने, गलत दवाइयां मिलने और बायोमेडिकल कचरे के अवैध निस्तारण का खतरा बढ़ गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने जल्द कार्रवाई नहीं की, तो एनएसयूआई राज्यव्यापी आंदोलन शुरू करेगी।
