नयी दिल्ली, 17 नवंबर (वार्ता) राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (एनआईए) दिल्ली कार विस्फोट मामले के मुख्य आरोपी डॉ. उमर नबी के सहयोगी आमिर राशिद अली को अन्य गिरफ्तार संदिग्धों से सामना कराने के लिए कश्मीर ले जाएगी। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
यूनीवार्ता को मिली रिमांड कॉपी से पता चला है कि आमिर अली रसद सहायता प्रदान करने और आतंकवाद से संबंधित गतिविधियों में शामिल था।
इस हमले में इस्तेमाल की गई कार आमिर के नाम पर पंजीकृत थी। उसे रविवार को दिल्ली में गिरफ्तार किया गया था। आमिर को सोमवार को एक विशेष एनआईए अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उसे दस दिनों की एनआईए हिरासत में भेज दिया गया।
रिमांड के लिए अदालत को दिए आवेदन में कहा गया, “आमिर आतंकवाद से संबंधित गतिविधियों में संलिप्त था। वह मृतक आरोपी डॉ. उमर नबी को सहायता प्रदान करने में शामिल पाया गया। आमिर ने उमर को रसद और खरीदारी सहायता दी थी।”
इस आवेदन में कहा गया है कि आमिर, उमर के छिपने के लिए इस्तेमाल हो रहे घर में गया था और कथित तौर पर विस्फोट में इस्तेमाल किए गए आईईडी और विस्फोटक बनाने में मदद की थी।
इस मामले में सरकारी वकील स्मृति चतुर्वेदी ने यूनीवार्ता को बताया कि आमिर ने कोई पछतावा नहीं दिखाया। उन्होंने कहा, “उसके चेहरे पर कोई डर, पछतावा या खेद नहीं था। विस्फोट में इस्तेमाल किए गए वाहन का वह एकमात्र पंजीकृत मालिक है। एनआईए ने दस दिन की रिमांड मांगी थी और अदालत ने उसे मंजूर कर लिया।”
