भुवनेश्वर, 8 नवंबर (वार्ता) केंद्र सरकार के नवरत्न सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम, नेशनल एल्युमीनियम कंपनी लिमिटेड (नाल्को) ने चालू वित्त वर्ष में सितंबर में समाप्त तिमाही में उल्लेखनीय 35 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 1,433 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया। पिछले वित्त वर्ष की तिमाही में शुद्ध लाभ 1,062 करोड़ रुपये था।
खान मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण में काम करने वाली इस कंपनी के निदेशक मंडल ने शुक्रवार को भुवनेश्वर में बैठक में तिमाही वित्तीय रिपोर्ट को मंजूरी दी। इसके अनुसार आलोच्य तिमाही में नाल्को की कुल परिचालन 4,292 करोड़ रुपये रही, वित्त वर्ष 2024-25 की दूसरी तिमाही की तुलना में 7.2 प्रतिशत वृद्धि दर्शाती है।
वित्त वर्ष 2025-26 की पहली छमाही (अप्रैल-सितंबर) के दौरान, नाल्को ने 50.15 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज करते हुए 2,497 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि में 1,663 करोड़ रुपये था।
उत्पादन के मोर्चे पर, कंपनी ने वर्ष की पहली छमाही के दौरान एल्युमिना हाइड्रेट, कैल्साइन्ड एल्युमिना और एल्युमिनियम कास्ट मेटल उत्पादन में अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन हासिल किया। एल्युमिना हाइड्रेट उत्पादन रिकॉर्ड 11,53,000 टन तक पहुँच गया, जबकि एल्युमिनियम कास्ट मेटल उत्पादन 2,34,148 टन रहा।
चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में कंपनी ने 6,99,913 टन एल्युमिना की बिक्री की जो वर्ष 2013-14 की इसी तिमाही के 6,56,480 टन बिक्री के पिछले रिकॉर्ड को तोड़ दिया है। कंपनी ने इसी अवधि के दौरान 2,25,675 टन धातु की अपनी सर्वोच्च घरेलू बिक्री भी हासिल की।
नाल्को के बोर्ड ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 80 प्रतिशत की दर से 4 रुपये प्रति इक्विटी शेयर ( अंकित मूल्य 5 रुपये) का अंतरिम लाभांश घोषित किया1 इस तरह कंपनी का यह अंतरिम लाभांश कुल 734.65 करोड़ रुपये होगा।
कंपनी ने कहा है कि दूसरी तिमाही के मज़बूत प्रदर्शन बेहतर परिचालन क्षमता, लागत अनुकूलन पहलों और अनुकूल बाज़ार परिस्थितियों का परिणाम है।इसमें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एल्युमीनियम की कीमतों में सुधार और बुनियादी ढाँचे व वाहन उद्योग में मजबूत घरेलू माँग भी शामिल है।
नाल्को के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक बृजेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि दूसरी और पहली छमाही के नतीजे कर्मचारियों के समर्पण और टीम वर्क तथा हितधारकों के अटूट समर्थन को दर्शाते हैं। “हमने परिचालन उत्कृष्टता, लागत-बचत उपायों और निरंतर उत्पादकता के माध्यम से मजबूत प्रदर्शित किया है। आगे हमारा ध्यान दीर्घकालिक विकास और मूल्य सृजन को बढ़ावा देने के लिए मूल्यवर्धन, स्थिरता और क्षमता विस्तार पर बना रहेगा।”

