
अनूपपुर। अनूपपुर में आज कजलियां पर्व बड़े उत्साह और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया। सुबह से महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने घर-घर जाकर कजलियां दीं और आशीर्वाद लिया। महिलाएं व कन्याएं नदी-तालाब में टोकरी व मिट्टी का विसर्जन कर घर लौटकर परिवार को कजलियां अर्पित करती हैं। भाद्रपद प्रतिपदा को मनाया जाने वाला यह पर्व, जिसे भुजरिया भी कहा जाता है, रक्षाबंधन के अगले दिन होता है। मान्यता है कि कजलियां देने-लेने से सुख-समृद्धि आती है। नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में सांस्कृतिक कार्यक्रम व भजन-कीर्तन जुलूस निकाले गए। यह पर्व धार्मिक आस्था के साथ भाईचारे और मेल-जोल को भी मजबूत करता है।
