काठमांडू, 09 सितंबर (वार्ता) नेपाल में सोशल मीडिया को बंद करने के खिलाफ कल से शुरू हुये प्रदर्शनों का सिलसिला मंगलवार को भी जारी है और कई नेताओं के घरों पर पथराव और आगजनी की घटनाएं हुयी हैं।
प्रदर्शनों को देखते हुये अब तक ओली सरकार के चार मंत्रियों ने इस्तीफे दे दिए हैं और प्रदर्शनकारी प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के त्यागपत्र की मांग कर रहे हैं। कांतिपुर अखबार के अनुसार बिगड़े हालात पर काबू पाने के लिए ओली सरकार ने सर्वदलीय बैठक बुलाई है और प्रधानमंत्री ने देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
कल प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई में 20 लोगों की मौत हो गई थी और साढ़े तीन सौ लोग घायल हुये थे। प्रदर्शनकारी आज भी बड़ी संख्या में सड़कों पर उतरे हैं। कुछ जगहों पर आगजनी की घटनाएं भी हुयी हैं।
प्रदर्शनकारी राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल के बोहोराटार स्थित आवास में जबरन घुस गये और वहां जमकर तोड़फोड़ की। प्रधानमंत्री ओली के बालाकोट स्थित आवास में आगजनी की सूचना है।
केंद्र में कई मंत्रियों, नेताओं ने अपने पदों से इस्तीफे दिए हैं। इनमें कृषि मंत्री रामनाथ अधिकारी, गृहमंत्री रमेश लेखक, स्वास्थ्य मंत्री प्रदीप पौडेल, जल संसाधन मंत्री प्रदीप यादव और मधेश प्रांत के मुख्यमंत्री सतीश कुमार सिंह के नाम प्रमुख हैं।
इसके अलावा, प्रदर्शनकारियों ने नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी सेंटर) के अध्यक्ष और मुख्य विपक्षी नेता पुष्प कमल दहल के खुमालतार स्थित आवास पर भी पथराव किया। प्रदर्शनकारियों ने ललितपुर में संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री पृथ्वी सुब्बा गुरुंग के घर में आग लगा दी। उन्होंने उप प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री बिष्णु पौडेल के भैसपति स्थित आवास पर भी पथराव किया। पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक के घर पर भी हमला किया गया।
प्रदर्शनकारी पूर्व प्रधानमंत्री और नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष शेर बहादुर देउबा के बुधनीलकांठा स्थित आवास तक पहुंच गए, लेकिन हमला करने से पहले ही उन्हें रोक दिया गया।
इस बीच प्रधानमंत्री ओली के इस्तीफे की मांग को लेकर दबाव गहरा गया है। नेपाली कांग्रेस के महासचिव गगन थापा ने कहा है कि प्रधानमंत्री ओली को इस दमन की ज़िम्मेदारी लेते हुए तुरंत पद छोड़ देना चाहिए। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, “बेवजह मारे जा रहे निर्दोष युवाओं का क्रूर दृश्य हमारी आंखों के सामने घूम रहा है। प्रधानमंत्री को इस दमन की ज़िम्मेदारी लेते हुए तुरंत पद छोड़ देना चाहिए।”

