रीवा:तमाम निर्देशो के बावजूद शहर के अंदर आवारा गौवंश धमाचौकड़ी मचा रहे है. आए दिन कोई न कोई इनका शिकार होता है. पशु पालको द्वारा गौवंश को छोड़ दिया जाता है, जबकि कलेक्टर जुर्माना लगाने के निर्देश दिये है. उसके बाद भी कहीं कार्यवाही नही हो रही है.नगर निगम के पास वाहन से लेकर तमाम संसाधन है उसके बाद भी आवारा गौवंश को नही पकड़ा जा रहा है.
मुख्य बाजार सब्जी मंडी, शिल्पी प्लाजा, प्रकाश चौराहा, घोड़ा चौराहा,धोबिया टंकी, अस्पताल चौराहा सहित विभिन्न स्थानों पर बैल घूमते है जो बेहद खतरनाक है और आये दिन राहगीरो को शिकार बनाते है. दुकानदार भी इन बैलो से परेशान है. नगर निगम की गाड़ी दिन भर घूमती रहती है पर ऐसे खतरनाक बैलो को नही पकड़ती जो दहशत के पर्याय बन चुके है.
प्रकाश चौराहा, घोड़ा चौराहा और सब्जी मंडी के आसपास सबसे ज्यादा भीड़ होती है और यहा खाने की तलाश में आवारा गौवंश पहुंचते है और अक्सर खरीददारी करने पहुंच रहे लोगो को अपना शिकार बना रहे है. उल्लेखनीय है कि विश्वविद्यालय थाना अन्तर्गत कैलाशपुरी में एक वृद्ध को बैल ने मौत के घाट उतार दिया था, उसके बाद भी नगर निगम बैलों को लेकर गंभीर नही है.
