बेगमगंज:सरकार स्वस्थ और शिक्षित युवा भारत के निर्माण के लिए कुपोषण मिटाने के प्रयासों में जुटी है, लेकिन जमीनी हालात अब भी चिंताजनक बने हुए हैं। आंगनवाड़ी केंद्रों पर मिलने वाला पोषाहार कागजों में तो बच्चों को मिल रहा है, लेकिन हकीकत इससे अलग है।कलेक्टर के निर्देश पर एसडीएम शौरभ मिश्रा ने महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी रामकुमार सोनी के साथ नगर के वार्ड क्रमांक 13 स्थित आंगनवाड़ी केंद्र और सिविल अस्पताल के एनआरसी केंद्र का औचक निरीक्षण किया।
रीक्षण में आंगनवाड़ी केंद्र पर एक भी बच्चा मौजूद नहीं मिला, हालांकि जानकारी मिलते ही कार्यकर्ता और सहायिका पहुंच गईं।वहीं सिविल अस्पताल के एनआरसी केंद्र में 9 कुपोषित बच्चे भर्ती पाए गए। केंद्र प्रभारी ने बताया कि बच्चों को नियमित रूप से पोष्टिक आहार, चिकित्सा और देखभाल दी जा रही है। वर्ष 2024-25 में अब तक 193 कुपोषित बच्चों को भर्ती कर स्वस्थ किया गया है।
एसडीएम मिश्रा ने अस्पताल प्रबंधन को आवश्यक निर्देश देते हुए कहा कि लगातार मॉनिटरिंग जारी है ताकि हर जरूरतमंद बच्चे तक पोषण और इलाज पहुंच सके। उन्होंने बताया कि तहसील में कुपोषण के मामले कम हैं, लेकिन इसे पूरी तरह समाप्त करने का अभियान जारी है।
