सतना : पिछले सप्ताह चक्रवाती तूफान मोंथा के असर के चलते जिला सहित विंध्य क्षेत्र में बारिश का दौर देखने को मिला था. उस दौरानन मौसम के बदले रुख के चलते दिन और रात के तापमान में महज 1.2 डिग्री का अंतर रह गया था. लेकिन धूप खिलने के बाद एक ओर जहां न्यूनतम तापमान लुढक़ना शुरु हो गया वहीं दूसरी ओर दिन और रात के पारे के बीच का अंतर 13 डिग्री तक पहुंचने लगा है.
मौसम कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार सोमवार को शहर में अधिकतम तापमान 31.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि रात का तापमान 18.8 डिग्री दर्ज हुआ. इस लिहाज से देखा जाए तो दिन और रात के तापमान के बीच का अंतर 12.8 डिग्री तक पहुंच गया. दिन के समय खिलने वाली चटख धूप के चलते हवा में नमी की मात्रा भी घटकर 79 से 52 फीसदी तक पहुंच गई. जिसका नतीजा यह हुआ कि शाम ढलते ही हवा में ठंडक घुलने का सिलसिला शुरु हो गया है.
दिन भर चटख धूप रहने के बाद शाम ढलते ही लोगों को ठंठक का एहसास होने लगा है. इतना ही नहीं बल्कि देर शाम बाहर निकलने वाले लोगों ने गर्म कपड़े का सहारा लेना शुरु कर दिया है. शहर के अंदर तो फिलहाल ठंड का उतना असर देखने को नहीं मिल रहा है लेकिन जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में शाम से लेकर सुबह तक खासी ठंडक पडऩे लगी है. जिसके चलते अधिकांश लोगों में सर्दी-खांसी की समस्या बढ़ती नजर आने लगी है.
वहीं मौसम के इस रुख को देखते हुए लोगों द्वारा इस बार कड़ाके की ठंड पडऩे की संभावना भी जताई जाने लगी है. दूसरी ओर पिछले सप्ताह हुए बारिश के दौर के चलते धान की खेती को हुए नुकसान के बाद अब किसानों ने अपनी बची हुई फसल को सहेजना शुरु कर दिया है. फसल को काटकर सूखे स्थानों पर रखते हुए धूप दिखाने का प्रयास किया जा रहा है. जिससे की धान के सडऩे की संभावना को कम किया जा सके.
