छठ पर्व पर झारखंड में मातम, बच्चों सहित 25 लोग डूबे; बिहार में भी 83 मौतें; कई घरों की खुशियाँ गम में बदलीं

नई दिल्ली, 29 अक्टूबर 2025: लोक आस्था का महापर्व छठ झारखंड समेत कई राज्यों में धूमधाम से मनाया गया, लेकिन इस पावन अवसर पर कई घरों में मातम पसर गया। सोमवार और मंगलवार को पूजा के दौरान हुए अलग-अलग हादसों में अकेले झारखंड में ही बच्चों सहित 25 लोगों की जलाशयों में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। मिली जानकारी के अनुसार, पड़ोसी राज्य बिहार में भी छठ के दौरान 83 लोगों की मौत की सूचना है। झारखंड के कई जिलों में घाटों पर इस दर्दनाक मंजर से कोहराम मच गया।

झारखंड में डूबने की सर्वाधिक सात मौतें गिरिडीह जिले में दर्ज की गईं, जिसने पूरे इलाके को दहला दिया। इसके बाद हजारीबाग और सिमडेगा में चार-चार लोगों की जान चली गई। जमशेदपुर के चांडिल में तीन, जबकि कोडरमा और देवघर में दो-दो लोगों की डूबने से मौत हुई। हजारीबाग के कटकमसांडी में हुआ हादसा सबसे दर्दनाक रहा, जहाँ तालाब में डूबने से दो सगी बहनों समेत चार लोगों की मौत हो गई। वहीं, सिमडेगा के बानो में भी चार बच्चियों की मौत ने सबको झकझोर कर रख दिया।

गिरिडीह जिले में सात मौतों से महापर्व का उल्लास मातम में बदल गया। यहाँ जमुआ प्रखंड के धीरोसिंगा के रहने वाले दिलीप राय और नवडीहा ओपी के परांचीडीह की अंशु कुमारी की डूबने से जान चली गई। इसके अलावा, धनवार के चितरडीह के नंदलाल साव और दशरोडीह के धीरज कुमार की मौत ने उनके परिवारों की छठ की सारी खुशियाँ छीन लीं। चतरा जिले से भी दो मौतों की खबर आई। इन दर्दनाक घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था और जागरूकता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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