
जबलपुर। कृषि उपज मंडी स्थित एमपीडब्लूएलसी (मध्यप्रदेश वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक्स कॉर्पोरेशन) कार्यालय के सामने मौन धरने पर बैठे वेयरहाउस संचालकों की दिवाली इस बार भी बिना रौशनी के बीत गई। भुगतान की प्रतीक्षा में पिछले 14 दिनों से मौन सत्याग्रह कर रहे संचालकों ने बताया कि कई बार शासन-प्रशासन को ज्ञापन सौंपने और किराया भुगतान की मांग करने के बावजूद हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिला है। वेयरहाउस संचालकों ने बताया कि जिले में संचालित करीब 425 वेयरहाउसों का लगभग 130 करोड़ रुपए का किराया बीते तीन वर्षों से बकाया है। भुगतान न मिलने से न सिर्फ उनकी आर्थिक स्थिति डांवाडोल हो गई है, बल्कि बैंक ऋण, स्टाफ वेतन और दैनिक खर्चों को पूरा करना भी कठिन हो गया है।
दिवाली बिना दीये की बीती
संचालकों ने बताया कि इस बार उनकी दिवाली भी बिना चिराग के बीती। परिवार के साथ त्योहार मनाने के बजाय वे लगातार जबलपुर कृषि उपज मंडी परिसर में धरने पर बैठे हैं। कई बार शासन से गुहार लगाने के बावजूद कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। मौन सत्याग्रह अब 14वें दिन में प्रवेश कर चुका है, लेकिन अब तक न तो कोई अधिकारी सामने आया और न ही कोई सुनवाई हुई।
