नयी दिल्ली 12 जुलाई (वार्ता) चुनाव आयोग ने शनिवार को कहा कि वह बिहार में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत लगभग सभी मतदाताओं के साथ सीधा संपर्क स्थापित कर उनके पास गणना-फार्म पहुंचा चुका है और 80.11 प्रतिशत मतदाता अपने गणना फॉर्म जमा कर चुके हैं।
आयोग ने एक विज्ञप्ति में यह जानकारी देते हुए कहा कि उसके एककृत डिजिटल ऐप ईसीआईनेट में गणना-फार्मों के सत्यापन का नया मॉड्यूल पूरी तरह से सक्रिय हो गया है।
आयोग ने बताया कि शनिवार शाम 6.00 बजे तक 6,32,59,497 गणना-फार्म का संग्रह किया जा चुका है जो राज्य की वर्तमान सूची में दर्ज कुल मतदाताओं की संख्या का 80.11 प्रतिशत को पार कर गयी है। इस तहर हर 5 मतदाताओं में से 4 ने फार्म जमा कर दिए हैं।
आयोग को लगता है कि इस गति से 25 जुलाई से पहले ही अधिकांश फार्म प्राप्त किए जाने की संभावना है।
आयोग ने कहा है, “ यदि किसी मतदाता को पात्रता दस्तावेज़ जमा करने के लिए और समय चाहिए, तो वह उन्हें 30 अगस्त तक, यानी दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अंतिम तिथि तक, अलग से जमा कर सकता है और स्वयंसेवकों की भी मदद ले सकता है। ”
आयोग ने पुनरीक्षण के लिए 77,895 बूधस्तरीय अधिकारी ( बीएलओ) के साथ, जमीन पर अतिरिक्त 20,603 नव नियुक्त बीएलओ लगाये हैं। सभी 243 विधानसभा क्षेत्रों में 38 जिला चुनाव अधिकारी (डीईओ), निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) और 963 सहायक ईआरओ (एईआरओ) सहित फील्ड-स्तरीय टीमों की सीईओ द्वारा बारीकी से निगरानी की जा रही है। ईसीआई के इन प्रयासों में राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त 1.5 लाख एजेंट घर घर जा कर लोगाें की सहायता कर रहे हैं।
इस अभियान में चार लाख से अधिक स्वयंसेवकों द्वारा वरिष्ठ नागरिकों, पीडब्ल्यूडी मतदाताओं और अन्य कमजोर समूहों की सहायता के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।
आयोग ने बताया कि बीएलओ ने आज शाम 6 बजे तक 4.66 करोड़ गणना प्रपत्रों का डिजिटलीकरण और ईसीआईनेट पर अपलोड कर दिया था। ईसीआईनेट एक नया विकसित एकीकृत सॉफ़्टवेयर है, जिसमें पहले से मौजूद सभी 40 ईसीआई ऐप्स समाहित हो गये हैं।
