गरीबों के लिए बनी रसोई में लापरवाही, सुरक्षा और गुणवत्ता दोनों पर सवाल

पाथाखेड़ा: दीनदयाल रसोई योजना, जिसका उद्देश्य गरीब और मजदूर वर्ग को सस्ती और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना है, वहां गंभीर अव्यवस्था देखने को मिली है। क्षेत्र की एकमात्र रसोई में ठेकेदार ने केवल एक पुरुष और तीन महिलाओं की तैनाती की है, जिससे संचालन सुचारू नहीं हो पा रहा।निरीक्षण के दौरान भोजन की गुणवत्ता बेहद खराब पाई गई। सब्जियों में अधिक पानी मिला हुआ है और अनाज भी संतोषजनक नहीं है।

सबसे गंभीर उल्लंघन यह है कि रसोई में नियमों के विपरीत घरेलू गैस सिलेंडर का उपयोग किया जा रहा है, जबकि कमर्शियल सिलेंडर अनिवार्य है। इससे न केवल नियमों का उल्लंघन होता है, बल्कि दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है।ठेकेदार को लाखों रुपये का टेंडर मिलने के बावजूद व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया।

रोजाना लगभग 100 से 150 मजदूरों को चार रोटियां, चावल और पतली सब्जी परोसी जाती है। लोगों में असंतोष है, लेकिन भोजन की सस्ती दर (5 रुपये) के कारण अधिकतर खुलकर शिकायत नहीं कर पा रहे।स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है, ताकि घरेलू गैस सिलेंडर का उपयोग रोका जाए और भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित कर योजना का उद्देश्य पूरा किया जा सके।

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