
छतरपुर। मध्य प्रदेश के छतरपुर में परंपरागत जल विहार मेले का आयोजन इस वर्ष भी 9 अक्टूबर से 18 अक्टूबर तक धूमधाम से किया जा रहा है। राजा-महाराजाओं के समय से चली आ रही इस ऐतिहासिक परंपरा को आज भी ग्रामीण एवं नगरवासी पूरे उत्साह से निभा रहे हैं।
मेले में बुंदेलखंड का लोकप्रिय लोक नृत्य राई प्रस्तुत किया गया, जिसे देखने के लिए देर रात तक भारी भीड़ उमड़ी रही। दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट और उत्साहपूर्ण जयकारों से कलाकारों का मनोबल बढ़ाया।
मेले में रोजाना अलग-अलग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ मनोरंजन के कई साधन मौजूद हैं। मौत का कुआं, झूले, खाजा, पायल की झंकार और अन्य बुंदेली व्यंजन मेले को खास आकर्षण प्रदान कर रहे हैं।
विशेष रूप से महिलाओं के लिए पारंपरिक दुकानों की भरमार है, जहां आभूषण, कपड़े और घरेलू सजावटी सामान की खरीदारी के लिए सैलानियों की भीड़ देखी जा रही है।
छतरपुर नगर पालिका द्वारा आयोजित यह मेला क्षेत्र की संस्कृति, परंपरा और लोक कला का भव्य संगम बन चुका है।
