रीवा: प्रदेश के अन्य जिलो में जहा झमाझम बारिश हो रही है. वही रीवा में पिछले चार दिन से बारिश थमी हुई है. जिसके चलते उमस भरी गर्मी शुरू हो गई है. हालाकि इस बीच खरीफ की बोनी के लिये किसानो को समय जरूर मिला गया है. धान के रोपा के अलावा अन्य फसलो की बोनी किसान कर रहे है. झमाझम बारिश शुरू होने के बाद धान का रोपा भी लगाया जायेगा.
रीवा संभाग में सबसे ज्यादा वर्षा मऊगंज जिले में हुई है, जबकि सबसे कम वर्षा रीवा में दर्ज की गई है. रीवा संभाग में एक जून से अब तक 290 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई है. संभाग में सर्वाधिक 500.7 मिली मीटर वर्षा मऊगंज जिले में दर्ज की गई है. संभाग में अब तक रीवा जिले में 165.8 मिली मीटर, मऊगंज में 500.7 मिली मीटर, सतना में 235.2 मिली मीटर, मैहर में 238.6 मिली मीटर, सीधी में 333.2 मिली मीटर तथा सिंगरौली जिले में 272.1 मिली मीटर वर्षा दर्ज की गई है.
गत वर्ष इसी अवधि में जिले में 149 मिली मीटर औसत वर्षा दर्ज की गई थी. संभाग की औसत सामान्य वार्षिक वर्षा 1090.3 मिलीमीटर है. संभाग में सिंचाई के प्रमुख स्त्रोत बाणसागर बांध में 9 जुलाई को सुबह 8 बजे तक जल स्तर 338.73 मीटर तक पहुंच गया है. गत वर्ष 9 जुलाई तक इसका जल स्तर 332.29 मीटर पर था. शहडोल संभाग में पिछले तीन दिनों से हुई भारी वर्षा से बाणसागर बांध में पानी की अच्छी आवक हो रही है. धीरे-धीरे डैम का जल स्तर बढ़ता जा रहा है.
