देहरादून, 11 अक्टूबर (वार्ता) उत्तराखंड की धामी सरकार ने यूकेएसएसएसएससी की 21 सितंबर 2025 को आयोजित हुई स्नातक स्तरीय लिखित भर्ती परीक्षाओं को रद्द कर दिया है लेकिन राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने इस प्रकरण में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) जांच में हो रही देरी पर सवाल उठाए हैं।
उत्तराखंड में लीक हुए यूके ट्रिपल एससी परीक्षा के रद्द होने के बाद प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (संगठन व प्रशासन) सूर्यकांत धस्माना ने सवाल उठाया कि इस पूरे पेपर लीक के लिए जिम्मेदार यूके ट्रिपल एससी अध्यक्ष गणेश मर्तोलिया को सरकार कब बर्खास्त करेगी । उन्होंने ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर हमला बोलते हुए कहा कि पहले तो सरकार ने यूके ट्रिपल एससी परीक्षा के पेपर लीक से साफ इनकार किया और इसे मात्र एक सेंटर तीन पेपर आउट होने का मामला बताया।
श्री धस्माना ने कहा कि उसके बाद जो पेपर लीक के खिलाफ आंदोलनरत युवाओं का समर्थन कर रहे थे,उन्हें भाजपा नेताओं ने अर्बन नक्सल, देश द्रोही, सनातन विरोधी और नकल जिहादी बताकर संबोधित किया । उनका इस तरह अपमान किए जाने पर भाजपा नेताओं को माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य की सरकार ने एकल सदस्य जांच आयोग की सिफारिश पर पेपर रद्द तो कर दिया परन्तु जनता को यह नहीं बताया कि पूरे प्रकरण और इस नकल माफिया व इसके कर्ता धर्ताओ के संरक्षकों का खुलासा करने के लिए सीबीआई की जांच कब होगी।
श्री धस्माना ने कहा कि उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने पहले ही दिन तीन सूत्री मांग को लेकर राज्य व्यापी आंदोलन शुरू किया था और आज भी पार्टी का यह मानना है कि केवल पेपर रद्द करना काफी नहीं है। सरकार को केंद्रीय गृह मंत्रालय से बात करके सीबीआई जांच हाई कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में शुरू करवानी चाहिए और यूके ट्रिपल एससी अध्यक्ष गणेश मर्तोलिया को तत्काल बर्खास्त करने की घोषणा करनी चाहिए,नहीं तो कांग्रेस अपना आंदोलन जारी रखेगी।
