
भोपाल। ईओडब्लू ने निवेशक से 35.75 करोड़ की धोखाधड़ी के मामले में एफआईआर दर्ज किया है. धोखाधड़ी के आरोप में दिलीप गुप्ता और उसकी कंपनीयों के विरूद्ध कार्यवाही की गई है. आरोप है कि गुप्ता की कंपनी ने 10 रूपये के शेयर को फर्जी तरीके से 12,972/- रूपये का बनाकर निवेशक को धोखा दिया है. इसके साथ ही उसने ऊँचे फायदे का लालच देकर निवेशक से पारिवारिक संपत्तियाँ गिरवी रखवाई. बंद खातों से चेक इश्यू के आरोप भी कंपनी और संचालक पर लगे है.
मामले को लेकर शिकायतकर्ता विनीत जैन, निवासी भोपाल ने 13 सितबंर को आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ भोपाल में दर्ज कराई थी. उन्होंने आरोप लगाया गया कि आरोपी दिलीप कुमार गुप्ता ने अपनी कंपनियों – मेसर्स डीजी मिनरल्स प्रा. लि. एवं मेसर्स श्री मां सीमेंटेक प्रा. लि. में निवेश के नाम पर विश्वास में लेकर बैंक खातों के माध्यम से करोड़ों रुपये प्राप्त किए. निवेश की राशि एवं लाभांश लौटाने के नाम पर आरोपित द्वारा शिकायतकर्ता को पूर्व से बंद अथवा अवरुद्ध बैंक खातों से फर्जी चेक प्रदान किए गए और कंपनियों के शेयरों की कीमत फर्जी तरीके से बढ़ाकर, अलॉट कर कूटरचित दस्तावेजों के माध्यम से सुनियोजित ढंग से धोखाधड़ी की गई. आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ द्वारा की गई प्रारंभिक जांच में आरोप प्रथम दृष्टया प्रमाणित पाए जाने पर दिलीप कुमार गुप्ता एवं अन्य के विरुद्ध विधिसम्मत धाराओं के एफआईआर दर्ज की गई है.
जांच में स्पष्ट हुआ कि दिलीप कुमार गुप्ता ने विनीत जैन से निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये लेकर उनकी माता व सास के नाम पर 5 कंपनियों में कुल 46,240 शेयर मात्र रूपये 10 प्रति शेयर की दर से आवंटित किए, परंतु उनके बदले न कोई लाभांश दिया और न ही राशि लौटाई. जब विनीत जैन ने दबाव बनाया, तो जानबूझकर एक बंद खाते से रूपये 7.74 करोड़ और एक ब्लॉक खाते से रूपये 13 करोड़ के पोस्ट डेटेड चेक दिए, जो दोनों बाउंस हो गए. साथ ही विनीत जैन की पारिवारिक संपत्तियाँ गिरवी रखकर लिया गया बैंक लोन भी चुकाया नहीं गया, जिससे कुल रूपये 35.75 करोड़ की आर्थिक हानि व धोखाधड़ी सिद्ध हुई, जिसके आधार पर दिलीप कुमार गुप्ता के खिलाफ अलग-अलग धराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है.
