बुधनी। नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को भले ही सिविल अस्पताल का दर्जा मिल गया हो और करोड़ों रुपए की लागत से इसका नया भवन तैयार हो चुका हो, लेकिन मरीजों की परेशानी अब भी जस की तस है.बुधवार को अस्पताल के निरीक्षण में अधिकांश डॉक्टर ड्यूटी से गायब मिले, कई चेंबरों पर ताले लटके नजर आए और मरीज इलाज के लिए भटकते रहे.
गौरतलब है कि क्षेत्रीय विधायक रमाकांत भार्गव के प्रयासों से डॉक्टरों की पदस्थापना की मांग पूरी कर दी गई थी, लेकिन फिर भी अस्पताल की स्थिति में सुधार नहीं हुआ है. रिकॉर्ड में अस्पताल को आधुनिक सुविधाओं से लैस बताया जाता है, जबकि हकीकत यह है कि मामूली बीमारियों के लिए भी मरीजों को नर्मदापुरम रेफर किया जा रहा है. भाजपा नेता सतीश गुप्ता ने कहा कि डॉक्टरों की कमी पूरी होने के बाद भी लापरवाही बरती जा रही है. वहीं, बीएमओ से संपर्क का प्रयास किया गया, लेकिन वे भी अस्पताल में मौजूद नहीं थे.
