तेल अवीव, 31 मई (वार्ता) इजरायल ने दक्षिणी लेबनान में सैन्य अभियान तेज करते हुए ज़हरानी नदी के दक्षिण में रहने वाले लोगों को क्षेत्र खाली करने का आदेश दिया है। इजरायली सेना ने चेतावनी दी है कि निर्धारित क्षेत्र में रहने वाले लोगों की जान को खतरा हो सकता है।
पिछले 24 घंटों में ऐसे 10 से अधिक विस्थापन आदेश जारी किये गये हैं। इस बीच, इजरायली सेना पहली बार 2006 के बाद लितानी नदी पार कर आगे बढ़ी है और नबातियेह शहर की ओर बढ़ते हुए रणनीतिक महत्व वाले 12वीं सदी के ब्यूफोर्ट किले पर कब्जा कर लिया है।
इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने इसे ‘महत्वपूर्ण सामरिक जीत’ बताया। दूसरी ओर, प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि सेना को दक्षिणी लेबनान में अभियान और विस्तारित करने तथा हिजबुल्लाह के प्रभाव वाले इलाकों पर पकड़ मजबूत करने के निर्देश दिये गये हैं।
उन्होंने कहा, “हम पहल कर रहे हैं और लेबनान, गाजा तथा सीरिया सहित सभी मोर्चों पर कार्रवाई कर रहे हैं।”
इजरायल की इस कार्रवाई की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना भी हुई है। फ्रांस ने इसे ‘अनुचित’ बताते हुए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाने की मांग की है। फ्रांसीसी विदेश मंत्री ने कहा कि आत्मरक्षा का अधिकार होने के बावजूद लेबनान में सैन्य कार्रवाई और क्षेत्रीय कब्जे को उचित नहीं ठहराया जा सकता।
दक्षिणी लेबनान में जारी हवाई हमलों और विस्थापन आदेशों के कारण बड़ी संख्या में लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं। रिपोर्टों से संकेत मिला कि पूरे-के-पूरे मोहल्ले खाली कराये जा रहे थे, और नागरिक लगातार ड्रोन निगरानी तथा सड़कों और रिहायशी इलाकों पर हो रहे हमलों के बीच भाग रहे थे। स्थानीय अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि सैन्य कार्रवाई के विस्तार से क्षेत्र में अस्थिरता और बढ़ सकती है।
