जबलपुर: शासन द्वारा कस्टम मिलिंग को लेकर जो 30 अगस्त तारीख निर्धारित की गई थी, जिसके बाद भी धान की मिलिंग ना होने पर उसे 2 माह के लिए बढ़ा दिया गया है। जिसके बाद अब 31 अक्टूबर तक जिले के वेयरहाउसों में रखी धान की मिलिंग होनी है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कुछ मिलरों को नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा आरओ नहीं काटे जा रहे हैं।
देखा जाए तो धान मिलिंग के लिए तिथि बढ़ाई गई है, लेकिन कुछ ही मिलर इसकी मिलिंग कर रहे हैं। जबकि जिले में लगभग 17 लाख क्विंटल धान की मिलिंग होना है, जिसके लिए अब लगभग 22 दिन का समय बचा है। विदित है कि जिला प्रशासन द्वारा इस वर्ष धान गड़बड़ी के मामले के बाद से जिले में धान की मिलिंग इस बार लगभग 50 प्रतिशत से भी कम हो से पाई है और शेष स्टॉक गोदाम में पड़ा हुआ से है।
नीलामी की ओर ना चली जाए धान
अधिकारियों का कहना है कि जिन मिलरों के ऊपर एफआईआर दर्ज है, उन्हें मिलिंग से दूर रखा है जबकि मिलर का कहना है कि कोर्ट से उनको स्टे मिल चुका है, इसके बाद भी उन्हें मिलिंग नहीं करने दी जा रही है। गौरतलब है कि तिथि बढ़ाने के बाद भी मिलिंग के लिए सभी मिलर को आरओ नहीं काटे जा रहे हैं, जबकि इतने कम समय में इतनी बड़ी मात्रा में धान की मिलिंग करना असंभव हैं, जो यह भी इशारा करता है कि शायद आरओ ना देकर प्रशासन ही बची हुई धान को मिलिंग की ओर ले जा रहे हों।
6 माह में हुई थी 9 लाख क्विंटल की मिलिंग
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस वर्ष जिले में लगभग 38 लाख क्विंटल धान की खरीद हुई थी, जिसमें से लगभग 12 लाख क्विंटल धान उपार्जन केंद्रों से ही राइस मिलरों ने उठा ली थी और उसके बाद शेष धान में से लगभग 9 लाख क्विंटल की मिलिंग 6 माह में हो पाई है और 17 लाख क्विंटल गोदाम में खराब हो रही है। पिछले वर्ष जिले में 48 लाख क्विंटल धान की खरीदी हुई थी, जिसमें 100 प्रतिशत मिलिंग हो गई।
1000- 1500 रुपए तक होगी नीलाम
गौरतलब है कि अगर अधिक समय मिलने के बाद भी अगर आरओ नहीं कटते हैं और धान का उठाव नहीं होगा तो इसकी मिलिंग नहीं हो पाएगी, जिसके कारण समर्थन मूल्य में खरीदी गई धान को नीलाम करने की नौबत आ जाएगी। उल्लेखनीय है कि सरकार ने 2375 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से धान की खरीदी की है। अगर नीलाम करने की नौबत आती है तो लगभग 1000 से 1500 रुपए क्विटंल के हिसाब से इसकी नीलामी होगी। उससे शासन को अरबों रुपए का नुकसान होने की संभावना है।
इनका कहना है
31 अक्टूबर तक धान मिलिंग की अंतिम तिथि है, लगातार आरओ भी कट रहे हैं। जिनकी ऊपर एफआईआर दर्ज है उनको काम से मनाही है, इसके लिए उन मिलर के आरओ नहीं काटे जा रहे हैं।
ऋषभ जैन, जिला प्रबंधक
नागरिक आपूर्ति निगम
