
भिंड। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भिंड जिले के सुरपुरा गांव में एक दलित युवक के साथ हुई अमानवीय घटना पर गहन चिंता व्यक्त की है। आज पटवारी ने वीडियो कॉल के माध्यम से पीड़ित युवक से घटना की बिस्तृत जानकारी ली। पटवारी ने कहा कि यह घटना न केवल मानवता की हत्या का प्रतीक है, बल्कि भाजपा सरकार की कानून-व्यवस्था की पूर्ण पतन का जीता-जागता प्रमाण है। यह सवाल उठाता है कि भाजपा सरकार के शासनकाल में दलितों, आदिवासियों और वंचित वर्गों के साथ दुश्मनी क्यों? क्यों मध्य प्रदेश लगातार दलित उत्पीड़न की दर्दनाक दास्तां लिख रहा है? गौरतलब है कि भिंड जिले के सुरपुरा गांव में एक 25 वर्षीय दलित युवक जो पेशे से ड्राइवर है के साथ तीन दबंगों सोनू बरुआ, आलोक पाठक और छोटू ओझा ने घृणित अपराध किया। आज पटवारी ने वीडियो कॉल के माध्यम से जब पीड़ित युवक से घटना की जानकारी ली तो पीड़ित ने बताया कि उसने कुछ दिन पहले दतावली गांव के सोनू बरुआ की बोलेरो चलाने का काम छोड़ दिया था और ग्वालियर के दीनदयाल नगर में अपने ससुराल में रहने लगा था। बीती रात आरोपी ग्वालियर पहुंचे, पीड़ित को जबरन कार में बिठाकर भिंड के सुरपुरा गांव ले आए। वहां पहुंचते ही उन्होंने पीड़ित की बेरहमी से पिटाई की, जबरन शराब पिलाई और फिर पेशाब पीने के लिए मजबूर किया। पीड़ित की हालत बिगड़ने पर आरोपी उसे वहीं छोड़कर फरार हो गए। पटवारी ने कहा कि भाजपा सरकार को बताना होगा कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं? प्रदेश में दलित अत्याचारों की बढ़ती श्रृंखला है। उन्होंने आंदोलन की चेतावनी दी है।
